वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) ने शुक्रवार को मार्च 2025 तिमाही के नतीजे पेश किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 47.3% बढ़कर 3,003 करोड़ रुपये हो गया। यह उछाल कंपनी के बढ़ते राजस्व की वजह से आई है।
मुख्य आँकड़े:
- नेट प्रॉफिट: ₹3,003 करोड़ (पिछले साल: ₹2,038 करोड़)
- राजस्व: ₹9,314 करोड़ (पिछले साल: ₹7,822 करोड़)
- ज़िंक प्रोडक्शन: रिकॉर्ड 310 किलो टन (मार्च तिमाही में अब तक का सर्वोच्च)
क्यों बढ़ा मुनाफ़ा?
- ज़िंक सेगमेंट: राजस्व में 20.6% की बढ़ोतरी।
- चांदी का व्यवसाय: कंपनी का दूसरा सबसे बड़ा सेगमेंट, जिसमें राजस्व 24.1% बढ़ा।
- घरेलू मांग: भारत में जिंक की मांग लगातार बढ़ रही है, और HZL का देश के जिंक बाजार पर 77% दबदबा है।
CEO अरुण मिश्रा का बयान:
“हम दुनिया के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड जिंक प्रोड्यूसर हैं और घरेलू मांग को पूरा करने के साथ-साथ ग्लोबली लो-कॉस्ट प्रोड्यूसर बने रहने का लक्ष्य रखते हैं।”
भविष्य की रणनीति:
- कंपनी का फोकस कम लागत पर जिंक उत्पादन बनाए रखने पर है।
- चांदी के बिजनेस को और बढ़ावा दिया जाएगा।
निवेशकों के लिए क्या?
FY23 और FY24 के अर्निंग्स पर शेयर (EPS) के अनुमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, यानी कंपनी की ग्रोथ स्थिर है।
क्या यह निवेश का सही समय है?
अगर आप मेटल सेक्टर में एक स्थिर और मजबूत कंपनी में निवेश करना चाहते हैं, तो HZL एक अच्छा विकल्प हो सकता है। हालाँकि, ग्लोबल मेटल प्राइस और इकोनॉमिक कंडीशन पर भी नज़र रखनी होगी।
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