Report: Rupesh kumar dass
Hazaribagh अपनी ऐतिहासिकता के लिए प्रसिद्ध हजारीबाग की रामनवमी के दौरान इस वर्ष जिला प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर ‘मिशन मोड’ में नजर आ रहा है। 107 अखाड़ों के विशाल जुलूस और पारंपरिक शस्त्र कला के प्रदर्शन के दौरान होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को देखते हुए उपायुक्त (DC) शशि प्रकाश सिंह ने स्वयं सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
Hazaribagh संकरी गलियों में ‘मोटरसाइकिल मोबाइल यूनिट’ बनेगा जीवन रक्षक
इस वर्ष हजारीबाग प्रशासन ने एक अनूठी पहल की है। जुलूस के दौरान अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों और उन संकरी गलियों में जहाँ बड़ी एंबुलेंस का पहुँचना असंभव होता है, वहाँ 107 मोटरसाइकिल मोबाइल यूनिट तैनात की जाएंगी।
- चतरा जिले से सहयोग: विशेष रूप से चतरा जिले से 10 विशेष मोटरसाइकिल मोबाइल यूनिट्स को हजारीबाग बुलाया गया है।
- त्वरित उपचार: ये बाइक एंबुलेंस भीड़ के बीच घायल होने वाले रामभक्तों तक तत्काल पहुँचकर उन्हें प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करेंगी और जरूरत पड़ने पर नजदीकी चिकित्सा केंद्र तक पहुँचाएंगी।
Hazaribagh मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ‘इमरजेंसी टीम’ अलर्ट पर
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने हजारीबाग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (HMCCH) के चिकित्सकों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
- विशेष टीम का गठन: पूरे जुलूस के दौरान अस्पताल में एक समर्पित मेडिकल टीम 24 घंटे सक्रिय रहेगी।
- आपातकालीन सेवाएं: डीसी ने निर्देश दिया है कि आपातकालीन वार्ड पूरी तरह से तैयार रहे और दवाइयों व रक्त (Blood) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
Hazaribagh परंपरा और सुरक्षा का समन्वय
हजारीबाग की रामनवमी में अखाड़ों के खिलाड़ी जब सड़कों पर हैरतअंगेज करतब दिखाते हैं, तो अक्सर चोटिल होने का जोखिम बना रहता है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भक्तों की आस्था और परंपरा का सम्मान करते हुए उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य लाभ देना प्राथमिकता है। व्यापक पुलिस बल के साथ-साथ इस बार ‘मोबाइल हेल्थ यूनिट’ जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था की एक मजबूत कड़ी साबित होगी।
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