BY
Yoganand Shrivastava
Hariyana news: बलात्कार के मामलों में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को फिर से 40 दिनों की पैरोल दी गई है। रोहतक की सुनारिया जिला जेल से उन्हें अस्थायी रूप से बाहर जाने की अनुमति मिली है, जिसके बाद वे सिरसा स्थित अपने आश्रम के लिए रवाना होंगे।
सजा के बाद 15वीं बार बाहर आएंगे
साल 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद यह 15वां मौका है जब राम रहीम जेल से बाहर आएंगे। वर्ष 2026 में यह उनकी पहली पैरोल है। बीते आठ वर्षों में उन्हें बार-बार दी गई अस्थायी रिहाई को लेकर सवाल भी उठते रहे हैं।
धार्मिक अवसर का हवाला
प्रशासन की ओर से बताया गया है कि यह पैरोल डेरा सच्चा सौदा के दूसरे प्रमुख शाह सतनाम जी के जन्म माह के अवसर पर दी गई है। राम रहीम के सिरसा पहुंचने से पहले आश्रम परिसर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
पहले भी मिल चुकी है राहत
इससे पहले इसी वर्ष अप्रैल में उन्हें 21 दिनों की फरलो और जनवरी में 30 दिनों की पैरोल दी गई थी। पिछली बार भी 40 दिनों की ही अस्थायी रिहाई मिली थी, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में बहस हुई थी।
५. किन मामलों में सजा
गुरमीत राम रहीम को अगस्त 2017 में दो महिला अनुयायियों के साथ बलात्कार के मामलों में दोषी ठहराया गया था और उन्हें 20 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। सजा के बाद हरियाणा के कई इलाकों में हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें कई लोगों की जान गई थी।
हत्या मामले में भी उम्रकैद
इसके अलावा वर्ष 2019 में पंचकूला की एक विशेष अदालत ने पत्रकार रामचंद्र की हत्या के मामले में राम रहीम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इन मामलों के चलते उनकी पैरोल पर हर बार आपत्तियां और विवाद सामने आते रहे हैं।





