Mohit Jain
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। इसके चलते गांधी प्राणी उद्यान (जू) प्रशासन ने जानवरों को ठंड से बचाने के लिए खास इंतज़ाम किए हैं। जू में रहने वाले शेर, टाइगर, भालू, पक्षियों और सर्पों के लिए रहन-सहन से लेकर खानपान तक में बदलाव किए गए हैं।
हीटर से गर्म हो रहे शेर-टाइगर के बाड़े

ग्वालियर जू में शेर और टाइगर के बाड़ों में ठंड से बचाने के लिए 4 से 5 हीटर लगाए गए हैं। ये जानवर सुबह-शाम हीटर के पास रहते हैं और दिन में धूप का आनंद लेते हैं। सांपों के बाड़े में 200 वॉट के बल्ब और सूखी घास रखी गई है ताकि तापमान संतुलित रहे।
पक्षियों और हिरणों के बाड़ों में पर्दे और सूखी घास
सर्द हवाओं से बचाव के लिए पक्षियों के पिंजरों को पर्दों से ढक दिया गया है। वहीं हिरण, नीलगाय और अन्य खुले में रहने वाले जानवरों के बाड़ों में सूखी घास बिछाई गई है। ठंड बढ़ने पर शाम के समय अलाव की व्यवस्था भी की जाएगी।
खानपान में बदलाव, अब परोसी जा रही हैं गर्माहट देने वाली चीजें
ठंड को देखते हुए जानवरों के भोजन में भी बदलाव किया गया है। अब उन्हें मैथी, हरा लहसुन, गुड़, बरसीम, मौसमी सब्जियां और फल दिए जा रहे हैं। भालुओं को खीर, रोटी और शहद परोसा जा रहा है, जबकि बंदरों को भुने चने दिए जा रहे हैं। पक्षियों को सूर्यमुखी के बीज और उबले अंडे खिलाए जा रहे हैं।
जू में 75 प्रजातियों के 580 जानवर
गांधी प्राणी उद्यान में इस समय 75 प्रजातियों के 580 से अधिक जानवर हैं। हाल ही में यहां बिलासपुर से एक भालू का जोड़ा, दो मादा लंगूर, दो मादा लोमड़ी और एक बारकिंग डियर भी लाया गया है।
ग्वालियर जू के डॉक्टर गौरव परिहार ने बताया कि, “हर प्रजाति के हिसाब से अलग-अलग तापमान बनाए रखा गया है। सभी जानवरों के पिंजरों में ठंड से बचाव के लिए आवश्यक इंतज़ाम किए गए हैं।”





