BY: Yoganand Shrivastva
गोवा: उत्तर क्षेत्र में शनिवार देर रात एक नाइट क्लब में भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में अधिकतर क्लब और होटल में काम करने वाले कर्मचारी थे, जबकि केवल तीन से चार पर्यटक इस हादसे में जान गंवा बैठे। घटनास्थल पर मौजूद सिक्योरिटी गार्डों का कहना है कि अगर आग कुछ देर बाद लगती, तो नुकसान कई गुना ज्यादा हो सकता था।
भीड़ आने से पहले ही लगी आग, बड़ा नुकसान टला
रात 11 से 12 बजे के बीच आग लगी, उस समय क्लब में भीड़ बेहद कम थी। डीजे और डांसर कार्यक्रम के लिए आने वाले थे और अगले एक-दो घंटे में बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचने वाले थे। सिक्योरिटी गार्डों के अनुसार, यदि आग भीड़ के बीच लगती, तो स्थिति बहुत भयावह हो सकती थी।
धमाके के साथ शुरू हुई आग
बिर्च क्लब के सिक्योरिटी गार्ड संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अचानक तेज धमाके की आवाज सुनी। बाद में पता चला कि आग सिलेंडर विस्फोट के कारण फैली। एक अन्य गार्ड ने भी यही जानकारी दी। स्थानीय लोग भी तेज धमाका सुनकर मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने एम्बुलेंस और रेस्क्यू टीमों को काम करते देखा।
पुलिस की प्राथमिक जांच
नॉर्थ गोवा पुलिस ने पुष्टि की कि अरपोरा स्थित रोमियो लेन के पास बर्च क्लब में लगी आग से 25 लोगों की मौत हुई है। इनमें 4 पर्यटक और 14 क्लब कर्मचारी शामिल हैं। सात लोग घायल हैं और उनका इलाज जारी है। पुलिस व फायर विभाग आग के कारणों की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अधिकतर लोगों की मौत धुएं से दम घुटने के कारण हुई।
प्रधानमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिवारों को दो लाख रुपये तथा घायलों को पचास हजार रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।यह दुखद घटना इस बात का संकेत है कि यदि आग सुरक्षा मानकों के बीच थोड़ी भी लापरवाही हो, तो परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं।





