BY- ISA AHMAD
गरियाबंद जिले के देवभोग ब्लॉक के नयापारा प्राथमिक शाला की स्थिति शिक्षा व्यवस्था की हकीकत बयां करती है। यह वही “विद्या का मंदिर” है जहां बच्चों को बैठने तक की जगह नहीं मिल रही, क्योंकि स्कूल के अतिरिक्त कक्ष पर गांव के एक दबंग व्यक्ति ने कब्जा जमा रखा है।
जानकारी के अनुसार, साल 2023 से गांव के नरेश नागेश नामक व्यक्ति ने स्कूल के अतिरिक्त कमरे को कब्जा कर उसमें टेंट हाउस का सामान रख लिया है। इस वजह से स्कूल के पास केवल एक ही कक्षा कक्ष बचा है। इसी एक कमरे में पहली से चौथी तक की चार कक्षाएं लगती हैं, और वहीं शिक्षकों की बैठक व्यवस्था भी की जाती है।
सबसे अधिक परेशानी कक्षा पांचवीं के छात्रों को झेलनी पड़ रही है। इन बच्चों की पढ़ाई स्कूल के सामने बरगद के पेड़ के नीचे चल रही है। खुले आसमान के नीचे कड़क धूप और बरसात में पढ़ाई करना बच्चों की मजबूरी बन गया है।
संकुल प्रभारी और प्रधान पाठक ने कई बार कब्जाधारी से कमरा खाली करने की मांग की, यहां तक कि सरपंच को भी सूचना दी गई, लेकिन आरोपी नरेश नागेश उल्टा शिक्षकों को ही धमकाने लगा। स्कूल में पहली से पांचवीं तक कुल 34 विद्यार्थी दर्ज हैं, पर सुविधाओं का अभाव और विभाग की उदासीनता ने बच्चों की पढ़ाई को संकट में डाल दिया है।
प्रधान पाठक ने वर्ष 2023 और 2024 में तत्कालीन बीईओ को लिखित रूप में शिकायत भी दी थी। वर्ष 2024 में अतिरिक्त कक्ष की मरम्मत के लिए राशि भी स्वीकृत की गई थी, लेकिन भवन पर कब्जा न हटने के कारण वह राशि स्कूल के खाते में पड़ी रह गई।
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के चलते बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द स्कूल भवन को कब्जामुक्त कराया जाए और बच्चों को पढ़ाई के लिए उचित व्यवस्था दी जाए।





