पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बलात्कार के मामले में उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया 10 लाख का जुर्माना

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BY: Yoganand Shrivastva

मैसूरु/बेंगलुरु | कर्नाटक के चर्चित सेक्स स्कैंडल मामले में बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते और JDS के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने साथ ही उन पर 10 लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। यह सजा उन्हें अपने फार्महाउस में काम करने वाली एक महिला नौकरानी के साथ बलात्कार करने के मामले में सुनाई गई है।

क्या था मामला?

47 वर्षीय महिला, जो रेवन्ना के पारिवारिक फार्महाउस में कार्यरत थी, ने अप्रैल 2024 में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के अनुसार, 2021 से लेकर कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया गया और घटना के बारे में किसी को बताने पर अश्लील वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी गई।

रेवन्ना के खिलाफ बलात्कार, डराने-धमकाने, जबरन निगरानी रखने और आपत्तिजनक सामग्री फैलाने के आरोपों में केस दर्ज हुआ। यह पहला मामला है जिसमें उन्हें दोषी करार दिया गया है, जबकि उनके खिलाफ इसी तरह के चार अन्य मामले भी दर्ज हैं।

50 से ज्यादा महिलाओं से शोषण के आरोप

पिछले वर्ष कर्नाटक सेक्स स्कैंडल के उजागर होने के बाद से प्रज्वल रेवन्ना पर गंभीर आरोप लगे। जांच एजेंसियों के अनुसार, उन्होंने 50 से अधिक महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया, जिनमें से कई को नौकरी और राजनीतिक प्रभाव का लालच देकर फंसाया गया। SIT ने अपनी जांच में यह खुलासा किया कि पीड़ित महिलाओं की उम्र 22 से 61 वर्ष के बीच थी। इनमें से लगभग 12 मामलों में बलात्कार की पुष्टि हुई है।

सोशल मीडिया पर लीक हुए थे हजारों वीडियो

2024 में इंटरनेट पर लगभग 2,000 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो सामने आए थे, जिनमें रेवन्ना कथित तौर पर कई महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आए। वीडियो में पीड़ित महिलाओं की पहचान भी छिपाई नहीं गई थी। इन वीडियो क्लिप्स के सार्वजनिक होते ही मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया।

विदेश भागने और गिरफ्तारी का घटनाक्रम

रेवन्ना ने अप्रैल 2024 में कर्नाटक की हासन लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। चुनाव संपन्न होने के ठीक अगले दिन, 27 अप्रैल को वह जर्मनी रवाना हो गया। इस बीच मामले ने तूल पकड़ लिया। राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया और जांच शुरू की। 35 दिन तक फरार रहने के बाद 31 मई को जब रेवन्ना भारत लौटा, तो बेंगलुरु एयरपोर्ट पर ही उसकी गिरफ्तारी हो गई।

अदालत में दिया गया बयान और दलीलें

रेवन्ना ने अदालत से सजा में नरमी की मांग करते हुए खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि वह निर्दोष हैं और उन पर लगाए गए आरोप राजनीतिक साजिश का हिस्सा हैं। हालांकि, अदालत ने सबूतों और गवाहों के आधार पर उन्हें दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुना दी।

दादा देवगौड़ा और परिवार का रुख

पूर्व प्रधानमंत्री और रेवन्ना के दादा एचडी देवगौड़ा ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया था कि यदि प्रज्वल जांच में सहयोग नहीं करता तो परिवार उसका साथ छोड़ देगा। उन्होंने स्पष्ट किया था कि परिवार इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा।

प्रज्वल की सफाई और माफीनामा

देश से फरार रहते हुए रेवन्ना ने 27 मई को एक वीडियो संदेश जारी कर दावा किया था कि वह निर्दोष हैं और 31 मई को जांच एजेंसी के सामने पेश होंगे। वीडियो में उन्होंने अपने परिवार, पार्टी और समर्थकों से माफी भी मांगी थी।

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