रिपोर्ट – प्रेमपाल सिंह
Firozabad : फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ को लेकर चल रहा विवाद अब सड़कों पर उतर आया है। मंगलवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से याचिकाकर्ताओं को बड़ा झटका लगा, जिसके बाद फिरोजाबाद में यादव समाज के लोगों ने उग्र प्रदर्शन किया। समाज के लोगों का आरोप है कि इस फिल्म के जरिए उनके समुदाय की भावनाओं को आहत किया जा रहा है और सेंसर बोर्ड इस पर मूकदर्शक बना हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप से किया मना
Firozabad फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग को लेकर यादव समाज द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान सर्वोच्च अदालत ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि वे इस पर सुनवाई नहीं कर सकते। इस फैसले के बाद यादव समाज के संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि अदालत इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाएगी।
सेंसर बोर्ड और फिल्म कलाकारों का फूंका पुतला
Firozabad अदालत के फैसले से नाराज यादव समाज के लोग ‘विश्व यादव परिषद’ के प्रदेश अध्यक्ष राहुल यादव के नेतृत्व में एकत्रित हुए।
- जमकर नारेबाजी: प्रदर्शनकारियों ने सेंसर बोर्ड और फिल्म के कलाकारों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
- दोहरा मापदंड: राहुल यादव ने कहा कि जब ‘घूसखोर पंडित’ जैसी फिल्मों का विरोध हुआ था, तो उन पर तुरंत सुनवाई हुई और रोक भी लग गई। लेकिन जब यादव समाज की अस्मिता की बात आ रही है, तो कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। समाज ने इसे दोहरा मापदंड करार दिया।
27 फरवरी को फिल्म न चलने देने की चेतावनी
Firozabad यादव समाज के नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि वे किसी भी कीमत पर अपनी छवि के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे।
- अंतिम अल्टीमेटम: प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि यह फिल्म 27 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज की गई, तो यादव समाज उग्र आंदोलन करेगा।
- सिनेमा हॉल को धमकी: समाज के लोगों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर फिल्म को चलने नहीं देंगे, चाहे इसके लिए उन्हें किसी भी हद तक जाना पड़े।





