नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोमवार को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में दो-दो रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की घोषणा की है। हालांकि सरकार का कहना है कि इस बढ़ोतरी से आम उपभोक्ताओं को किसी तरह का अतिरिक्त भार नहीं उठाना पड़ेगा। यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिका की ओर से लगाए गए नए टैरिफ के बीच लिया गया है।
यह नई दरें 8 अप्रैल से लागू होंगी। इस संबंध में केंद्र की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।
अब कितना है उत्पाद शुल्क?

नई व्यवस्था के तहत अब पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। पहले की तुलना में दोनों ईंधनों पर दो-दो रुपये की सीधी बढ़ोतरी की गई है।
#WATCH | Delhi | Union Minister for Petroleum and Natural Gas, Hardeep Singh Puri says, "You would have seen a notification from the Ministry of Finance saying that the excise rates are going up by Rs 2 on petrol and diesel. Let me clarify upfront on the record, this will not be… pic.twitter.com/snSlkfEUFs
— ANI (@ANI) April 7, 2025
PSU Oil Marketing Companies have informed that there will be no increase in retail prices of #Petrol and #Diesel, subsequent to the increase effected in Excise Duty Rates today.#MoPNG
— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) April 7, 2025
जनता पर क्यों नहीं पड़ेगा असर?
बढ़े हुए उत्पाद शुल्क को लेकर शुरुआत में भ्रम की स्थिति रही। जैसे ही आदेश जारी हुआ, कई खबरों में कहा गया कि इससे पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें बढ़ जाएंगी, जिससे उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा। हालांकि, बाद में स्पष्ट किया गया कि खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के चलते सरकार को खुदरा मूल्य में कटौती करनी थी। ऐसे में उत्पाद शुल्क बढ़ाकर उस कटौती को संतुलित किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं पर इसका बोझ न पड़े।





