रिपोर्ट- कन्हैया कुमार
धनबाद।
जिला खनन टास्क फोर्स की मासिक बैठक उपायुक्त आदित्य रंजन की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इस बैठक में अवैध खनन, भंडारण एवं परिवहन की रोकथाम के साथ-साथ खनन क्षेत्र में सुरक्षा (सेफ्टी) पर विशेष चर्चा की गई। बैठक में सस्टेनेबल माइनिंग को बढ़ावा देने, ब्लास्टिंग प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन करने और बंद खदानों के मुहानों की मजबूती से भराई पर जोर दिया गया।
अवैध खनन पर सख्ती और सेफ्टी पर फोकस
उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि जिले में अवैध खनन को रोकने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और बीसीसीएल संयुक्त प्रयास कर रहे हैं। इस बार की बैठक में खनन क्षेत्र में सड़क धंसने, ब्लास्टिंग से होने वाली दुर्घटनाओं, अवैध मुहानों की भराई, सड़कों की मरम्मत और स्थानीय लोगों की सुविधाओं पर गहन चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि ब्लास्टिंग का निर्धारित समय तय किया जाएगा और आसपास की बस्तियों को पहले से सूचना देना अनिवार्य होगा।
उपायुक्त आदित्य रंजन का कहना था –
“बैठक में सेफ्टी पर व्यापक चर्चा हुई है। जहां सड़कें धंस रही हैं वहां RCD और बीसीसीएल के सहयोग से मरम्मत की जाएगी। अवैध मुहानों को इस तरह से भरा जाएगा कि वे दोबारा न खोले जा सकें।”
बंद खदानों की मजबूती से भराई का निर्देश
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रभात कुमार ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध खनन या कोयला चोरी की शिकायत मिलते ही तुरंत FIR दर्ज करें। उन्होंने बीसीसीएल को सहयोग देने और बंद खदानों के मुहानों की मजबूती से भराई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, ओवरबर्डन (OB) गिराने और परियोजना तक सड़क निर्माण में माइनिंग प्लान का सख्ती से पालन करने पर बल दिया।
एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा –
“अवैध खनन रोकना प्राथमिकता है। थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी प्रकार की कोयला चोरी या अवैध गतिविधि की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करें।”
रैयतों को मुआवजा और जल संरक्षण पर जोर
बैठक में उपायुक्त ने बीसीसीएल को निर्देश दिया कि खनन के लिए नियमानुसार लैंड ट्रांसफर करें और जमीन की रजिस्ट्री से पहले रैयतों को उचित मुआवजा दें। साथ ही, खनन क्षेत्र में बने जलाशयों को विकसित करने, पौधारोपण करने और स्थानीय लोगों के लिए पेयजल उपलब्ध कराने जैसे कार्यों पर जोर दिया गया।
सस्टेनेबल माइनिंग की नियमित समीक्षा
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि हर माह आयोजित होने वाली जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक में सस्टेनेबल माइनिंग की समीक्षा की जाएगी। इसका उद्देश्य वर्तमान जरूरतों को इस प्रकार पूरा करना है जिससे भविष्य की पीढ़ियों को भी प्राकृतिक संसाधनों का समान अवसर मिल सके। इसमें जल संरक्षण, हरियाली और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना प्रमुख लक्ष्य होगा।





