बलरामपुर। जिले में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा घटना में सेमर सोत अभयारण्य क्षेत्र में एक युवक को हाथी ने मक्का के खेत में पटक कर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना से क्षेत्र में दहशत फैल गई है।

तीन दिनों में चार लोगों की मौत
बलरामपुर जिले में बीते तीन दिनों के भीतर हाथियों के हमले में चार लोगों की मौत हो चुकी है। कल शाम को शंकरगढ़ इलाके में महुआ बीन रहे एक ग्रामीण पर हाथी ने हमला कर उसे मार डाला था। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में भय और आक्रोश व्याप्त है।
सेमर सोत अभयारण्य में बढ़ रहा खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि सेमर सोत अभयारण्य के अधिकारी हाथियों के आतंक को रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन हाथियों को नियंत्रित करने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस उपाय नहीं कर रहा है।
प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग और प्रशासन की लापरवाही के कारण लगातार जानमाल की हानि हो रही है। उन्होंने मांग की है कि हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर करने के लिए उचित प्रबंधन किया जाए और प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाए।
सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग
ग्रामीणों ने सरकार से अपील की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए और हाथियों के हमले रोकने के लिए विशेष योजना बनाई जाए। अगर जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया गया, तो ग्रामीण आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। यह लगातार बढ़ता खतरा प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है, जिससे निपटने के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।





