by: vijay nandan
Election2026 : देश के पांच राज्यों West Bengal, Kerala, Tamil Nadu, Assam और Puducherry में चुनावी माहौल अपने चरम पर है। राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है और हर रैली में बड़े नेता जनता को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं। इन चुनावी सभाओं में स्थानीय मुद्दों से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक हर विषय पर तीखी बहस देखने को मिल रही है।

Election2026 : बंगाल: विकास बनाम पहचान की राजनीति
West Bengal में चुनावी रैलियों का केंद्र बिंदु विकास और क्षेत्रीय पहचान बना हुआ है। मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने अपनी सभाओं में राज्य की कल्याणकारी योजनाओं और महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया। वहीं, PM Narendra Modi ने भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और ‘डबल इंजन सरकार’ के मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहे हैं, बीजेपी घुसपैठियों के मुद्दे को भी हवा दे रही है, जबकि टीएमसी बंगाली अस्मिता की दुहाई दे रही है, कुल मिलाकर भाजपा और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता जा रहा है।

Election2026 : केरल: परंपरा बनाम परिवर्तन
Kerala में वामपंथी दल और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। Rahul Gandhi ने रोजगार, महंगाई और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर सरकार पर हमला बोला। वहीं वाम मोर्चा विकास और सामाजिक न्याय के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और वेलफेयर मॉडल यहां की राजनीति के प्रमुख विषय बने हुए हैं। बीजेपी केरल में भी जोर लगा रही है, राज्य की विजयन सरकार पर भ्रष्ट्राचार का आरोप लगा रही है।

Election2026 : तमिलनाडु: भाषा और क्षेत्रीय अस्मिता
Tamil Nadu में चुनावी रैलियों में भाषा, संस्कृति और राज्य के अधिकार जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। केंद्र और राज्य के रिश्तों पर भी जमकर बहस हो रही है। भाजपा के शीर्ष नेता जहां विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर की बात कर रहे हैं, वहीं क्षेत्रीय दल केंद्र के ‘हस्तक्षेप’ का मुद्दा उठा रहे हैं।

Election2026 : असम: नागरिकता और विकास
Assam में नागरिकता, पहचान और विकास चुनावी चर्चा के केंद्र में हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपनी रैलियों में इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और सुरक्षा को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। विपक्ष ने बेरोजगारी और महंगाई को बड़ा मुद्दा बनाया है।
Election2026 : पुड्डुचेरी: स्थानीय बनाम राष्ट्रीय मुद्दे
Puducherry में स्थानीय प्रशासन, रोजगार और पर्यटन विकास जैसे मुद्दे छाए हुए हैं। यहां छोटे राज्य होने के बावजूद राष्ट्रीय दलों की सक्रियता साफ दिख रही है।
Election2026 : बड़े नेताओं के भाषणों में क्या रहा खास?
इन चुनावी रैलियों में Narendra Modi ने बार-बार “विकास”, “डबल इंजन सरकार” और “भ्रष्टाचार मुक्त शासन” को मुख्य एजेंडा बताया। उन्होंने विपक्षी दलों पर विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया।

वहीं Mamata Banerjee ने केंद्र सरकार पर राज्यों के अधिकारों में दखल देने का आरोप लगाया और अपनी योजनाओं को जनता के लिए जरूरी बताया। Rahul Gandhi और Priyanka Gandhi ने अपने भाषणों में महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक न्याय के मुद्दों को प्रमुखता दी। उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए और आम जनता से जुड़े मुद्दों को चुनावी बहस का केंद्र बनाने की कोशिश की।
इन पांच राज्यों के चुनाव केवल क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ने वाला है। हर राज्य में मुद्दे अलग हैं, लेकिन नेताओं के भाषणों में एक बात समान है, जनता को अपने पक्ष में करने की पूरी कोशिश। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता किन मुद्दों को ज्यादा महत्व देती है और किस पार्टी को सत्ता सौंपती है। यह चुनाव देश की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।





