Mohit Jain
आगरा में यूपी टैक्सटाइल कॉरपोरेशन से रिटायर्ड प्रदीप कुमार कुलश्रेष्ठ और उनकी पत्नी सुनील कुलश्रेष्ठ साइबर ठगी का शिकार हो गए। बुजुर्ग दम्पत्ति लाइफ सर्टिफिकेट की जानकारी लेने के लिए मोबाइल पर खोजबीन कर रहे थे, तभी वॉट्सएप पर एक संदेश आया जिसे उन्होंने सामान्य समझकर खोल लिया।

संदेश में सामने वाले ने खुद को लाइफ सर्टिफिकेट से जुड़ा “सहायक” बताया और विश्वास जीत लिया। अपराधी ने लाइफ सर्टिफिकेट बनवाने का बहाना बनाकर आधार कार्ड और बैंक डिटेल मांगी। जब प्रदीप कुमार ने बताया कि उनका डेबिट कार्ड एक्टिव नहीं है, तो अपराधी ने उनकी पत्नी का मोबाइल नंबर और बैंक डिटेल लेकर पांच मिनट में सर्टिफिकेट दिलाने का दावा किया।
बुजुर्ग दम्पत्ति देर रात तक इंतजार करते रहे, लेकिन कोई सर्टिफिकेट नहीं आया। अगले दिन जब उन्होंने मोबाइल और बैंक डिटेल्स देखी तो पता चला कि अपराधियों ने पत्नी के अकाउंट से 32,700 रुपये डेबिट कार्ड और यूपीआई के माध्यम से निकाल लिए थे।
प्रदीप कुमार ने बताया कि यदि उनका डेबिट कार्ड एक्टिव होता, तो ठग लाखों रुपये निकाल सकते थे। ठगी का पता चलते ही दम्पत्ति सीधे साइबर क्राइम सेल पहुंचे। प्रभारी विमल कुमार ने शिकायत दर्ज कर कार्रवाई और मदद का भरोसा दिया।





