उत्तराखंड, अफगानिस्तान और तिब्बत में भूकंप के झटके, जानें किस जगह कितनी थी तीव्रता

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उत्तराखंड, अफगानिस्तान और तिब्बत में भूकंप के झटके, जानें किस जगह कितनी थी तीव्रता

भारत समेत दक्षिण एशिया के कई देशों में 19 जुलाई 2025 की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। उत्तराखंड के चमोली जिले से लेकर अफगानिस्तान, म्यांमार और तिब्बत तक धरती कांपी। भूकंप की तीव्रता और गहराई अलग-अलग स्थानों पर अलग रही, लेकिन अब तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।


उत्तराखंड के चमोली में 3.3 तीव्रता का भूकंप

  • भूकंप की तीव्रता: 3.3
  • स्थान: चमोली, उत्तराखंड
  • गहराई: 10 किलोमीटर

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाके चमोली में भोर के समय धरती कांपी। झटकों की तीव्रता मामूली थी, जिससे किसी प्रकार की क्षति की सूचना नहीं मिली है।


अन्य देशों में कहां-कहां हिली धरती?

अफगानिस्तान

  • दो बार भूकंप के झटके
  • तीव्रता: 4.2 और 4.0
  • गहराई: 190 किमी और 125 किमी

तिब्बत

  • तीव्रता: 3.6
  • गहराई: 10 किमी

म्यांमार

  • तीव्रता: 3.7
  • गहराई: 105 किमी

इन सभी क्षेत्रों में भूकंप की तीव्रता मध्यम रही और अभी तक किसी भी प्रकार की जानमाल की हानि की खबर सामने नहीं आई है।


पिछले सप्ताह हरियाणा में भी आया था भूकंप

हाल ही में हरियाणा के दो जिलों में भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए:

  • रोहतक: 3.3 तीव्रता (बुधवार-गुरुवार रात)
  • झज्जर: 2.5 तीव्रता (गुरुवार दोपहर)

इन दोनों ही स्थानों पर भूकंप से किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ।


भूकंप क्यों आता है? जानें वैज्ञानिक कारण

भूकंप पृथ्वी की सतह के नीचे मौजूद टेक्टोनिक प्लेट्स के टकराव, खिसकने या अलग होने की वजह से आता है। जब प्लेट्स आपस में ऊर्जा संचित करती हैं और अचानक मुक्त होती हैं, तो यह ऊर्जा भूकंपीय तरंगों के रूप में बाहर निकलती है, जिससे धरती कांपती है।

भूकंप के प्रमुख कारण:

  • टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल
  • ज्वालामुखी विस्फोट
  • खनन या जलाशयों जैसी मानवजनित गतिविधियां
  • भूस्खलन जैसी प्राकृतिक घटनाएं

भारत में भूकंप का खतरा कहां सबसे ज्यादा है?

भारत में हिमालयी क्षेत्र को सबसे संवेदनशील माना जाता है। इंडियन टेक्टोनिक प्लेट और यूरेशियन प्लेट के बीच लगातार टकराव इस क्षेत्र को भूकंपीय दृष्टि से सक्रिय बनाता है।

अधिक संवेदनशील ज़ोन:

  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • जम्मू-कश्मीर
  • पूर्वोत्तर भारत

सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

हालांकि अधिकांश भूकंप मामूली तीव्रता के होते हैं और तुरंत किसी बड़े खतरे का कारण नहीं बनते, फिर भी सतर्क रहना बेहद जरूरी है। आपदा प्रबंधन के नियमों का पालन करें और घरों तथा कार्यस्थलों पर भूकंप सुरक्षा उपायों को अपनाएं।