रिपोर्टर -आगस्टीन हेम्बरम
Dumka झारखंड की समृद्ध जनजातीय संस्कृति का संगम ‘हिजला मेला महोत्सव 2026’ शुक्रवार से पूरे हर्षोल्लास के साथ शुरू हो गया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप और मयूराक्षी नदी की लहरों के बीच इस राजकीय महोत्सव का उद्घाटन ग्राम प्रधान मानवेल हांसदा ने फीता काटकर किया। यह मेला आगामी 20 फरवरी तक जारी रहेगा, जहाँ पर्यटकों को जनजातीय कला और परंपराओं के विविध रूप देखने को मिलेंगे।

उल्लास जुलूस और ‘मांझी थान’ में पूजा के साथ शुरुआत
Dumka मेले के औपचारिक उद्घाटन से पहले एक भव्य ‘उल्लास जुलूस’ निकाला गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने अपनी संस्कृति की छटा बिखेरी। परंपरा का निर्वहन करते हुए सबसे पहले हिजला मेला परिसर स्थित ‘मांझी थान’ में विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके उपरांत अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) कौशल कुमार और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रमों की श्रृंखला का शुभारंभ किया।

सांस्कृतिक वैभव और प्रदर्शनियों का संगम
Dumka उद्घाटन समारोह के दौरान विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस वर्ष मेले में पर्यटकों और ग्रामीणों के लिए कई विशेष आकर्षण केंद्र बनाए गए हैं:
- कृषि प्रदर्शनी: किसानों के लिए नई तकनीकों और उत्पादों की जानकारी।
- ट्राइबल म्यूजियम: जनजातीय इतिहास और जीवनशैली को दर्शाती विशेष गैलरी।
- विभागीय स्टॉल: सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने हेतु विभिन्न विभागों के स्टॉल।
- मनोरंजन: बच्चों और युवाओं के लिए कई तरह के झूले और खान-पान के स्टॉल।
विशिष्ट जनों की गरिमामयी उपस्थिति
Dumka इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष जॉयस बेसरा, उपाध्यक्ष सुधीर मंडल, प्रशिक्षु IAS नाजीश उमर अंसारी, दुमका सदर सीओ अमर कुमार सहित कई समाजसेवी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अतिथियों ने कहा कि समय के साथ हिजला मेले की भव्यता और प्रासंगिकता बढ़ती जा रही है, जो नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम कर रही है।





