BY: Yoganand Shrivastva
भोपाल। राजधानी भोपाल में डीएसपी के साले की पुलिसकर्मियों द्वारा पिटाई से हुई मौत के मामले ने हड़कंप मचा दिया है। मृतक उदित गायकी (22) की मौत के बाद अब आरोपी आरक्षक संतोष बामनिया और सौरभ आर्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। शनिवार तड़के दोनों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही दोनों आरोपी फरार हैं। पुलिस ने दोनों को पहले ही निलंबित कर दिया था और अब उनकी तलाश में तीन टीमें गठित की गई हैं।
डीएसपी का साला था मृतक, इंजीनियरिंग के बाद नौकरी शुरू की थी
मृतक उदित गायकी, निवासी बैंक कॉलोनी, बाग दिलकुशा, इंजीनियर था। उसके पिता राजकुमार गायकी एमपीईबी में असिस्टेंट इंजीनियर हैं, जबकि मां संगीता गायकी सेमरा के सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। उदित अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक बहन की शादी डीएसपी केतन अडलक से हुई है, जो फिलहाल बालाघाट हॉक फोर्स में तैनात हैं। उदित हाल ही में छह दिन की छुट्टी लेकर भोपाल आया था। शुक्रवार को वह दोस्तों के साथ सीहोर कॉलेज में अपनी इंजीनियरिंग डिग्री लेने गया था ताकि नई नौकरी में जमा कर सके।
बीयर पार्टी कर रहे तीन दोस्तों को पुलिस ने पकड़ा
गुरुवार रात उदित अपने दो दोस्तों अक्षत भार्गव और दीपक बरकड़े के साथ इंद्रपुरी इलाके में बैठकर बीयर पी रहा था। उसी दौरान चार्ली ड्यूटी पर तैनात आरक्षक संतोष बामनिया और सौरभ आर्य वहां पहुंचे और तीनों युवकों को पकड़ लिया। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने उदित और उसके दोस्तों पर 10 हजार रुपए की मांग की। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो आरक्षकों ने उदित को कपड़े उतरवाकर बेरहमी से डंडों से पीटना शुरू कर दिया।
सीसीटीवी में कैद हुई पिटाई, इलाज के दौरान मौत
यह पूरी घटना पास के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। गंभीर हालत में दोस्तों ने उदित को पहले साईं अस्पताल, फिर एम्स भोपाल पहुंचाया, लेकिन कुछ घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम में उदित के शरीर, खासकर पेट और पीठ पर कई चोटों के निशान मिले हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उसकी मौत अंदरूनी चोटों और आंतरिक रक्तस्राव से हुई।
पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया, सीसीटीवी फुटेज मुख्य सबूत
डीसीपी विवेक सिंह (जोन-2) ने बताया कि दोनों आरोपी आरक्षकों के खिलाफ धारा 302 (हत्या) के तहत केस दर्ज किया गया है।घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज को जब्त कर लिया गया है और उन्हें जांच के प्रमुख साक्ष्य के रूप में रखा गया है। साथ ही, उदित के दोनों दोस्तों को मुख्य गवाह बनाया गया है और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
फरार आरक्षकों की तलाश जारी
घटना के बाद से दोनों आरोपी आरक्षक अंडरग्राउंड हैं। पुलिस की तीन टीमें उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। अफसरों का कहना है कि जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सवाल बना पुलिस की छवि पर धब्बा
एक युवा इंजीनियर की पुलिसकर्मियों के हाथों मौत ने भोपाल पुलिस की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीयर पार्टी जैसी मामूली बात पर इस तरह की बर्बरता, विभागीय अनुशासन और मानवाधिकारों पर भी गहरी चोट मानी जा रही है।






