रिपोर्ट: अम्बर कलश
Dhanbad : झारखंड बार काउंसिल के आगामी चुनाव को लेकर धनबाद के अधिवक्ताओं में भारी उत्साह और एकजुटता देखी जा रही है। मंगलवार को धनबाद बार एसोसिएशन के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का एक विशाल जत्था रैली की शक्ल में रांची के लिए रवाना हुआ। यह रैली झारखंड बार काउंसिल के कार्यालय पहुंचेगी, जहां धनबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी और महासचिव जितेंद्र कुमार अपना नामांकन पत्र दाखिल कर चुनावी बिगुल फूँकेंगे।

अधिवक्ता हित की बड़ी मांगें: कॉलोनी से लेकर पेंशन तक
Dhanbad रवानगी से पूर्व धनबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह उसे राज्य स्तर पर ले जाने के लिए तैयार हैं। उनके एजेंडे में सबसे ऊपर अधिवक्ता कॉलोनी का निर्माण, राज्य में ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ (अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम) को लागू करवाना और वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए सुदृढ़ पेंशन व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने संकल्प जताया कि वे बार काउंसिल में धनबाद ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के अधिवक्ताओं की आवाज़ बनेंगे।
संवैधानिक गरिमा और सक्रियता पर सवाल
Dhanbad एसोसिएशन के महासचिव जितेंद्र कुमार ने वर्तमान नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि झारखंड बार काउंसिल एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है, लेकिन वर्तमान प्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण अधिवक्ताओं की मूल समस्याएं वर्षों से लंबित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिनिधि अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा करने के बजाय बाहरी दौरों में व्यस्त रहते हैं। इसी व्यवस्था को बदलने और अधिवक्ताओं के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती देने के लिए वे इस बार चुनावी मैदान में उतरे हैं।

रांची में जुटेगा अधिवक्ताओं का हुजूम
Dhanbad धनबाद से निकली यह नामांकन रैली रास्ते भर चर्चा का विषय बनी रही। भारी संख्या में अधिवक्ताओं की मौजूदगी ने यह संकेत दे दिया है कि इस बार बार काउंसिल का चुनाव काफी दिलचस्प और संघर्षपूर्ण होने वाला है। धनबाद के वकीलों का मानना है कि उनके स्थानीय नेतृत्व के काउंसिल में पहुंचने से जिले के साथ-साथ पूरे झारखंड के विधि जगत को नई दिशा मिलेगी।
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