मनमोहन सिंह को भारत रत्न दिए जाने की मांग

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
Demand to give Bharat Ratna to Manmohan Singh

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दुनिया को अलविदा कह दिया है। कांग्रेस पार्टी ने मांग की थी कि, जिस स्थान पर मनमोहन का अंतिम संस्कार किया जाए उसी स्थान पर उनकी समाधि बनाई जाए, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार नहीं किया, हालांकि समाधि बनाने की बात पर सरकार की सहमति है। अब एक बार फिर कांग्रेस पार्टी अपनी मांग को लेकर चर्चा में है। पार्टी की तरफ से पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह को भारत रत्न देने की मांग की जा रही है। तेलंगाना विधानसभा ने तो 30 दिसंबर को सर्वसम्मति से इस संबंध में एक प्रस्ताव भी पारित कर दिया है। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भारत रत्न से सम्मानित करने का केंद्र सरकार से आग्रह किया गया है। तेलंगाना सरकार के प्रस्ताव के बाद कांग्रेस के अन्य नेताओं की तरफ से डॉ. मनमोहन सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग उठ रही है।


कांग्रेस में बढ़ने लगी मांग
राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि वे तेलंगाना सरकार के प्रस्ताव का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं केंद्र से इस प्रस्ताव को स्वीकार करने का आग्रह करता हूं। मनमोहन जी हमारे देश के महान नेता थे और उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुभ्रांश कुमार राय ने कहा कि तेलंगाना विधानसभा ने ऐसे व्यक्ति के लिए भारत रत्न की मांग की है जिसने शिक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार, मनरेगा और अन्य मुद्दों की वकालत की। उन्होंने कहा कि यह उचित ही है कि देश का सर्वोच्च सम्मान उन्हें दिया जाए।


क्यों हो रही मांग?
तेलंगाना सरकार के प्रस्ताव में पूर्व पीएम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित अर्थशास्त्री बताया। डॉ. सिंह ने मुख्य आर्थिक सलाहकार, आरबीआई गवर्नर, योजना आयोग के उपाध्यक्ष, वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री सहित विभिन्न पदों पर देश की सेवा की। प्रस्ताव में कहा गया है कि वित्त मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल (1991-1996) देश के आर्थिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ था, जिसमें उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण जैसे प्रमुख सुधार हुए।


ऐतिहासिक योजनाओं को शुरू करने का श्रेय
प्रधानमंत्री के रूप में (2004-2014) उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), सूचना का अधिकार अधिनियम, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन और आधार कार्यक्रम जैसे परिवर्तनकारी सामाजिक कार्यक्रमों की शुरुआत की। उन्होंने विस्थापित व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए 2013 में भूमि अधिग्रहण अधिनियम में महत्वपूर्ण संशोधन पेश किए और आदिवासी समुदायों का समर्थन करने के लिए 2006 में वन अधिकार अधिनियम को संशोधित किया।


पिछले सप्ताह हुआ था निधन
पूर्व पीएम डॉ.मनमोहन सिंह का पिछले सप्ताह 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। शनिवार को देश-विदेश से आए कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में निगमबोध घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि, सिंह के निधन के बाद अंतिम संस्कार और समाधि को लेकर कांग्रेस और सरकार में एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का खेल जारी है।

कांग्रेस का कहना है कि सरकार ने निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार कर पूर्व पीएम का अपमान किया है। वहीं, बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस कभी गैर-गांधी नेता को सम्मान नहीं देती है।

Godda: ढोलिया नदी में मिला 10 वर्षीय बच्ची का शव, रविवार से लापता थी मासूम मोनिका

Godda गोड्डा जिले के मेहरमा थाना अंतर्गत जोगियाचक क्षेत्र में सोमवार को

Chhindwara : निजी स्कूल की मनमानी का शिकार हो रहे मासूम, अंडर कंस्ट्रक्शन भवन में लग रही क्लास

Report: Rakesh Chandwansi Chhindwara सिंगोड़ी जनपद शिक्षा केंद्र अमरवाड़ा के अंतर्गत आने

Raipur Municipal Budget: रायपुर नगर निगम बजट सत्र, महापौर मीनल चौबे पेश करेंगी बजट

Raipur Municipal Budget: Raipur नगर निगम की सामान्य सभा में प्रश्नकाल समाप्त

Omkareshwar आध्यात्मिक यात्रा: प्रसिद्ध भजन गायिका जया किशोरी ने किए बाबा ओंकारेश्वर के दर्शन

Report: Lalit Omkareshwar ओंकारेश्वर: विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता और भजन गायिका जया

gold-silver-price : 18 साल की सबसे बड़ी मासिक गिरावट, जानें आज के ताजा रेट

gold-silver-price : नई दिल्ली, हफ्ते की शुरुआत के साथ ही सोने और

Jaipur Sant Sabha: संतों का अद्भुत संगम, विश्व को दिया एकता और प्रेम का संदेश

Jaipur Sant Sabha: जयपुर में आयोजित संत संसद में देशभर की प्रतिष्ठित