BY
Yoganand Shrivastava
Dehli news: अगर आप हवाई यात्रा के दौरान पावर बैंक साथ रखते हैं, तो अब पहले से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने उड़ान के दौरान पावर बैंक को चार्ज करने और विमान की सीट में लगे पावर सॉकेट से जोड़ने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
क्या बदला है नया नियम
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार यात्री अब पावर बैंक केवल हैंड बैग में ही ले जा सकेंगे। उड़ान के दौरान न तो पावर बैंक चार्ज किया जा सकेगा और न ही उसे किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से जोड़ा जा सकेगा। चेक-इन बैगेज में पावर बैंक रखना पहले की तरह प्रतिबंधित रहेगा।
क्यों लिया गया यह सख्त फैसला
हाल के महीनों में लिथियम बैटरी से जुड़े कई सुरक्षा मामले सामने आए हैं, जिनमें आग लगने और उपकरण फटने की घटनाएं शामिल हैं। विमान के अंदर ऐसी किसी भी घटना से यात्रियों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है, इसी कारण यह निर्णय लिया गया।
लिथियम बैटरी क्यों होती है खतरनाक
लिथियम बैटरी अत्यधिक ऊर्जा संग्रहित करती है। खराब गुणवत्ता, अधिक चार्जिंग या शॉर्ट सर्किट की स्थिति में इनमें आग लग सकती है, जो अपने आप नहीं बुझती। विमान के सीमित स्थान में ऐसी आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
ओवरहेड बिन सबसे बड़ा जोखिम
उड्डयन सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार अगर पावर बैंक ओवरहेड बिन में रखा हो और उसमें आग लग जाए, तो समय पर उस तक पहुंच पाना कठिन हो जाता है। इसी जोखिम को देखते हुए उड़ान के दौरान चार्जिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
एयरलाइंस को दिए गए निर्देश
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने सभी एयरलाइंस को लिथियम बैटरी से जुड़े जोखिमों का आकलन करने, केबिन क्रू की प्रशिक्षण प्रक्रिया की समीक्षा करने और यात्रियों को उड़ान से पहले सुरक्षा संबंधी घोषणाओं के जरिए जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।
यात्रियों से क्या अपेक्षा
यात्रियों को सलाह दी गई है कि अगर किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या पावर बैंक में अधिक गर्मी, धुआं या असामान्य गंध महसूस हो, तो तुरंत केबिन क्रू को सूचित करें। सुरक्षा नियमों का पालन सभी यात्रियों की जिम्मेदारी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से लागू नियम
दुनिया की कई प्रमुख एयरलाइंस पहले ही उड़ान के दौरान पावर बैंक के उपयोग और चार्जिंग पर रोक लगा चुकी हैं। भारत में लिया गया यह फैसला वैश्विक विमानन सुरक्षा मानकों के अनुरूप माना जा रहा है।





