BY
Yoganand Shrivastava
Dehli विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के ‘इक्विटी रेगुलेशन 2026’ के खिलाफ देश के सवर्ण समाज में असंतोष बढ़ता जा रहा है। अब इस विरोध को मशहूर कवि डॉ. कुमार विश्वास का साथ मिला है, जिन्होंने अपनी एक पोस्ट के जरिए सिस्टम पर तीखा तंज कसा है।
कुमार विश्वास की पोस्ट: “राजा, मेरा रौंया-रौंया उखाड़ लो”
कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर दिवंगत कवि रमेश रंजन की पंक्तियों को साझा करते हुए सवर्ण समाज के दर्द को बयां किया। उन्होंने लिखा:

“चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा, राई लो या पहाड़ लो राजा, मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूँ मेरा, रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा…”
इस पोस्ट के साथ उन्होंने #UGC_RollBack हैशटैग का उपयोग किया है, जो अब इंटरनेट पर तेजी से ट्रेंड कर रहा है।
आखिर सवर्णों की नाराजगी की मुख्य वजह क्या है?
Dehli UGC के नए नियमों में कुछ ऐसे बिंदु हैं जिन्हें सवर्ण समाज अपने खिलाफ और भेदभावपूर्ण मान रहा है:
- OBC को शामिल करना: भेदभाव के खिलाफ शिकायत करने वाले समूहों में पहली बार OBC वर्ग को जोड़ा गया है।
- प्रतिनिधित्व का अभाव: संस्थानों में बनने वाली ‘समता कमेटी’ में SC, ST और OBC का प्रतिनिधि होना अनिवार्य है, लेकिन सवर्णों के प्रतिनिधित्व की कोई गारंटी नहीं दी गई है।
- झूठी शिकायत पर कार्रवाई नहीं: पहले के नियमों में झूठी शिकायत दर्ज कराने वाले पर कार्रवाई का प्रावधान था, जिसे नए नियमों में कथित तौर पर खत्म कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि इससे सवर्ण छात्रों को निशाना बनाना आसान हो जाएगा।
“सुदामा कोटा” और “भिखारी” जैसे शब्दों पर भी एक्शन की मांग

Dehli विरोध करने वाले छात्रों और संगठनों की मांग है कि कानून केवल एकतरफा नहीं होना चाहिए। उनका कहना है कि सवर्ण छात्रों को ‘सुदामा कोटा’ या ‘भिखारी’ कहकर अपमानित करने वालों के खिलाफ भी सख्त नियम होने चाहिए। साथ ही, उन्होंने झूठी शिकायत पर सजा का प्रावधान फिर से जोड़ने की मांग की है। सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने भी सरकार को चेतावनी दी है कि भेदभाव वाले कानूनों के खिलाफ सदन से सड़क तक लड़ाई लड़ी जाएगी।
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