बेरला (छत्तीसगढ़): त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के परिणामों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जीत और हार के इस खेल में अब ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ रहा है। मामला बेरला क्षेत्र के ग्राम संडी का है, जहां सरपंच पद के लिए हुए चुनाव में पहले तारण निर्मलकर को एक मत से विजयी घोषित किया गया, लेकिन बाद में हुई रिकाउंटिंग में सेवाराम साहू को जीत का प्रमाण पत्र दे दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में आकर चुनाव परिणाम को बदला है।

कैसे बढ़ा विवाद?
ग्राम संडी में 23 फरवरी को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत मतदान हुआ। मतदान के बाद हुई मतगणना में तारण निर्मलकर को एक वोट से विजयी घोषित किया गया। समर्थकों ने इस जीत का जश्न मनाया, लेकिन विरोधी प्रत्याशी सेवाराम साहू और उनके समर्थकों ने इस परिणाम पर सवाल उठाते हुए पुनः मतगणना (रीकाउंटिंग) की मांग की।
विवाद बढ़ता देख प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया और जिले के निर्वाचन अधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। देर रात दोबारा मतगणना कराई गई, जिसमें सेवाराम साहू को विजयी घोषित कर दिया गया और उन्हें प्रमाण पत्र सौंप दिया गया। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।
ग्रामीणों का आक्रोश, राजनीतिक दबाव का आरोप
परिणाम बदलने से नाराज तारण निर्मलकर सैकड़ों ग्रामीणों के साथ एसडीएम बेरला से मुलाकात करने पहुंचे। ग्रामीणों ने अधिकारियों पर स्थानीय विधायक दीपेश साहू के दबाव में आकर परिणाम बदलने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने निष्पक्षता से काम नहीं किया और राजनीतिक प्रभाव में आकर पहले से घोषित परिणाम को बदल दिया गया।
हाईकोर्ट जाने की सलाह
एसडीएम बेरला से मुलाकात के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने तारण निर्मलकर को हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की सलाह दी। अब यह देखना होगा कि तारण निर्मलकर न्याय के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे या मामला किसी और मोड़ पर जाएगा।
क्या होगा आगे?
ग्राम संडी में पंचायत चुनाव को लेकर विवाद खत्म होता नहीं दिख रहा है। ग्रामीणों का आक्रोश अभी भी बना हुआ है, और वे न्याय की मांग कर रहे हैं। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस विवाद को कैसे सुलझाता है और क्या कानूनी रूप से कोई नया कदम उठाया जाता है।





