by: vijay nandan
भोपाल में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी में छह प्रतीकात्मक द्वार निर्माण की घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह सभी द्वार भारतीय संस्कृति, इतिहास और धर्म के महान पुरोधाओं के नाम पर बनाए जाएंगे।
- छह द्वारों के नामों का ऐलान
- सीएम मोहन यादव ने घोषणा की
- भगवान श्रीराम द्वार
- भगवान श्रीकृष्ण द्वार
- विक्रमादित्य द्वार
- सम्राट अशोक द्वार
- राजा भोज द्वार (जिसका भूमिपूजन आज हुआ)
इन द्वारों को भोपाल की पहचान और विरासत को नई दिशा देने वाला कदम बताया गया।
कार्यक्रम में सीएम मोहन का संबोधन: कांग्रेस पर निशाना, भगवान राम और संविधान पर बयान
हमारी मध्यप्रदेश सरकार के 2 वर्ष पर आयोजित 'अभिनंदन कार्यक्रम' में सहभागिता की। हमने तय किया है कि राजधानी के सभी प्रमुख मार्गों पर महापुरुषों के नाम से द्वार बनाए जाएंगे।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) December 6, 2025
निवास पधारे पूर्व प्रोटेम स्पीकर व विधायक श्री रामेश्वर शर्मा जी, कार्यकर्ताओं एवं आमजनों का हृदय से आभार।… pic.twitter.com/ajEYSSW90T
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्रतिष्ठा, प्रदेश के विकास और कांग्रेस की राजनीति पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि “अयोध्या में भगवान राम विराज रहे हैं, सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला दिया, एक चींटी भी नहीं मरी।
“कांग्रेस की राजनीति हमेशा दंगे करवाने वाली रही है।” “काशी से महाकाल तक महालोक बना पर कांग्रेस ने 1956 के बाद कुछ नहीं किया।
“राजा भोज और विक्रमादित्य जैसे महानायक जिन्हें सम्मान मिलना चाहिए था, कांग्रेस ने उनके लिए भी कुछ नहीं किया। संविधान और बाबा साहेब पर बोले, सीएम ने अपने भाषण में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि संविधान पवित्र है, पप्पू को इसका जवाब मिल चुका है। कांग्रेस खुद भी डूबती है और दूसरों को भी डुबोती है। इसके साथ उन्होंने अपना प्रसिद्ध वाक्य दोहराया, चाय वाला प्रधानमंत्री है और गाय वाला मुख्यमंत्री।
सीएम की घोषणा के बाद राजधानी में इन छह द्वारों को लेकर उत्साह दिख रहा है। प्रशासन जल्द ही निर्माण प्रक्रिया को अंतिम रूप देने जा रहा है।





