BY
Yoganand Shrivastava
Cinema news: हॉरर फिल्मों का इतिहास कई यादगार और डरावनी फिल्मों से भरा है, लेकिन कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जिन्हें देखकर लोग सिर्फ डरते ही नहीं, बल्कि उनकी सेहत पर भी असर पड़ता है। ऐसी ही एक फिल्म है हॉलीवुड की मशहूर फिल्म ‘द एक्सॉर्सिस्ट’, जिसे 1973 में रिलीज़ किया गया था और तब से इसे सबसे डरावनी फिल्मों में गिना जाता है।
फिल्म ने फैला दिया खौफ
फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान कई दर्शकों की तबीयत बिगड़ गई थी। कई लोग उल्टियां करने लगे, कुछ को सांस लेने में दिक्कत हुई, जबकि कुछ को हार्ट अटैक आने की खबरें आईं। यहाँ तक कि कुछ महिलाओं का गर्भपात भी बताया गया। डर के मारे कई दर्शक फिल्म बीच में ही छोड़कर बाहर भाग गए। सिनेमाघरों के बाहर एंबुलेंस तैनात करनी पड़ी।
शूटिंग के दौरान घटनाएं और रहस्य
फिल्म का सेट भी खौफनाक घटनाओं से अछूता नहीं रहा। बताया जाता है कि शूटिंग के दौरान अचानक सेट में आग लग गई, जिसमें अधिकांश सेट जलकर खाक हो गया। हैरानी की बात यह रही कि जिस कमरे में भूत-प्रेत के सीन फिल्माए जा रहे थे, उसे आग ने नहीं छुआ। इस हादसे के बाद शूटिंग काफी समय तक रोकनी पड़ी।
इसके बाद भी हादसों का सिलसिला थमा नहीं। कई कलाकार और तकनीकी स्टाफ घायल हुए, कुछ की मौत तक हो गई। फिल्म से जुड़े कई नाम जैसे जैक मैकगौरन और वासिलिकी मालियारोस की समय से पहले मौतों की खबरें भी सामने आईं। इन घटनाओं के कारण फिल्म को लेकर यह धारणा बनी कि ‘द एक्सॉर्सिस्ट’ पर कोई अभिशाप है।
थिएटर में हड़कंप और डर का असर
फिल्म की स्क्रीनिंग के समय दर्शकों के बीच डर इतना अधिक था कि एंबुलेंस और मेडिकल सहायता की व्यवस्था करनी पड़ी। दर्शकों की चीख-पुकार और बेहोशी की खबरें अखबारों में छाईं। यही वजह रही कि शुरुआती दौर में फिल्म केवल चुनिंदा सिनेमाघरों में ही रिलीज़ की गई थी।
आज भी कायम है डर का साया
‘द एक्सॉर्सिस्ट’ पर कई फिल्मों का निर्माण हुआ, लेकिन पहली फिल्म की तरह डर और रहस्य किसी में नहीं दिखा। आज भी इसके बारे में सुनते ही हॉरर प्रेमियों की रूह काँप उठती है। हालांकि इन सभी घटनाओं और दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन फिल्म हॉरर इतिहास में एक रहस्यमयी और डरावना नाम बने रहने में कामयाब रही है।





