China Mosquito Drone | माइक्रो ड्रोन टेक्नोलॉजी | चीनी सेना जासूसी ड्रोन
चीन ने एक ऐसा हाईटेक ड्रोन तैयार किया है, जो आकार में इतना छोटा है कि उसे पहचान पाना लगभग नामुमकिन है। यह ड्रोन बिल्कुल मच्छर जैसा दिखता है और इसे खासतौर पर जासूसी और मिलिट्री ऑपरेशन के लिए डिजाइन किया गया है।
मच्छर जितना छोटा ड्रोन – जानिए इसकी खासियत
चीनी वैज्ञानिकों ने इस माइक्रो ड्रोन में कई एडवांस फीचर्स शामिल किए हैं, जैसे:
- कैमरा सेटअप
- अत्याधुनिक सेंसर
- पावर डिवाइस
- कंट्रोल सर्किट
- दो छोटे विंग
- एंटीना
- इंसानी बाल जितने पतले पैर
इस ड्रोन का वजन और आकार इतना छोटा है कि इसे पकड़ पाना या ट्रेस करना बेहद मुश्किल है। इसे किसी भी संवेदनशील इलाके में बिना नजर आए भेजा जा सकता है।
कहां बना यह अनोखा ड्रोन?
इस ड्रोन को चीन के हुनान प्रांत स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी (NUDT) में तैयार किया गया है। यहां की रोबोटिक्स लैब लंबे समय से एडवांस मिलिट्री टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है। इससे पहले भी इस लैब में कई हाईटेक रोबोट्स और डिवाइसेज बनाए जा चुके हैं।
ड्रोन की पहली झलक – चीन के टीवी चैनल पर हुआ खुलासा
इस माइक्रो ड्रोन की पहली झलक चीन के सरकारी न्यूज चैनल CCTV पर दिखाई गई। NUDT के प्रमुख रिसर्चर लियांग हेशियांग (Liang Hexiang) ने चैनल पर बताया कि उनके हाथ में मच्छर के साइज का रोबोट है, जो जंग के दौरान दुश्मन की लोकेशन, मूवमेंट और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी बेहद गुप्त तरीके से जुटा सकता है।
हूबहू मच्छर जैसी बॉडी
वीडियो फुटेज में दिखाया गया कि ड्रोन में दो छोटे पंख लगे हैं, जो मशीन से जुड़े हैं। साथ ही इसके तीन बेहद पतले पैर भी बनाए गए हैं, जो बिल्कुल इंसानी बाल की मोटाई के हैं। यह ड्रोन स्मार्टफोन से आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।
माइक्रो ड्रोन बनाना कितना मुश्किल?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस तरह के माइक्रो ड्रोन तैयार करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। इतनी छोटी बॉडी में कैमरा, बैटरी, सेंसर और कंट्रोल सर्किट फिट करना आसान काम नहीं है। चीनी वैज्ञानिकों ने इसे संभव कर दिखाया है, जिससे उनकी टेक्नोलॉजी क्षमता का भी अंदाजा लगता है।
इससे पहले नॉर्वे भी बना चुका है माइक्रो हेलीकॉप्टर
गौरतलब है कि इससे पहले नॉर्वे ने भी ऐसा ही एक छोटा ड्रोन तैयार किया था, जिसका नाम UAV Black Hornet है। यह इंसान की हथेली के साइज का छोटा हेलीकॉप्टर है, जिसका इस्तेमाल नॉर्वे की सेना सर्विलांस के लिए करती है।
क्यों खतरनाक साबित हो सकता है यह ड्रोन?
- दुश्मन की सीमाओं में आसानी से प्रवेश
- बिना दिखाई दिए संवेदनशील जानकारी जुटाना
- जंग के दौरान दुश्मन के मूवमेंट पर नजर
- किसी भी इलाके में निगरानी, बगैर पकड़े जाने का जोखिम
निष्कर्ष: चीन की बढ़ती सैन्य ताकत का संकेत
चीन का यह मच्छर के आकार का ड्रोन दिखाता है कि वह माइक्रो टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। खासतौर पर जासूसी और खुफिया जानकारी जुटाने में यह डिवाइस बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है। इससे चीन की सैन्य ताकत और आधुनिकता दोनों का अंदाजा लगाया जा सकता है।





