Chandra Grahan 2026: वैदिक पंचांग के अनुसार, 03 मार्च 2026 को होलिका दहन का पर्व मनाया जा रहा है। इस साल होलिका दहन के साथ ही चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2026) भी होगा। ग्रहण के समय कुछ विशेष सावधानियां बरतना धार्मिक दृष्टि से आवश्यक माना जाता है।
Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण का समय
- ग्रहण प्रारंभ: दोपहर 03:20 बजे
- पूर्ण ग्रहण: शाम 05:04 बजे
- ग्रहण समाप्ति: शाम 06:46 बजे
Chandra Grahan 2026: सूतक काल की जानकारी

ग्रहण से 9 घंटे पहले से सूतक काल शुरू हो जाता है। इस साल सूतक काल सुबह 06:20 बजे से प्रारंभ हुआ। ग्रहण समाप्त होते ही सूतक काल का अंत भी हो जाएगा।
सावधानियां और करने योग्य कार्य
- सूतक काल शुरू होने से पहले भोजन में तुलसी के पत्ते डालना शुभ माना जाता है।
- घर और मंदिर के कपाट बंद करें।
- मन ही मन मंत्रों का जप करें।
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें और घर-मंदिर की सफाई करें।
- गंगाजल का छिड़काव करें और देव-देवताओं की पूजा करें।
- अन्न, धन और अन्य आवश्यक वस्तुएँ गरीबों या मंदिर में दान करें।
Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण के दौरान वर्जित कार्य
- इस समय भोजन या पूजा-पाठ करना वर्जित है।
- देवताओं की मूर्तियों को छूना उचित नहीं माना जाता।
- वाद-विवाद या किसी प्रकार का झगड़ा न करें।
- गर्भवती महिलाओं को चाकू, कैंची या किसी नुकीली वस्तु का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
Chandra Grahan 2026: कहाँ दिखाई देगा ग्रहण?
चंद्र ग्रहण पूरे देश में दिखाई देगा। विशेष रूप से बेंगलुरु, दिल्ली, चेन्नई, प्रयागराज, कानपुर, मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में यह स्पष्ट दिखाई देगा।
Chandra Grahan 2026: ग्रहण के बाद दान और पूजा
ग्रहण समाप्त होने के बाद पूजा-अर्चना और दान का महत्व अधिक माना जाता है। चावल, चीनी, अन्न और धन का दान करने से ग्रहण के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और शुभ फल की प्राप्ति होती है।
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