छत्तीसगढ़ में CBI की बड़ी कार्रवाई चल रही है। बुधवार को CBI ने कई सीनियर IPS अफसरों और नेताओं के घर छापा मारा। इस कार्रवाई में चर्चित IPS अफसर डॉ. अभिषेक पल्लव भी शामिल हैं। उनके घर छापा पड़ने से लोग हैरान हैं।
कौन हैं IPS अभिषेक पल्लव?
अभिषेक पल्लव 2013 बैच के IPS अफसर हैं। वे कई महत्वपूर्ण जिलों में एसपी रह चुके हैं। फिलहाल वे पुलिस अकादमी, चंदखुरी में पदस्थ हैं। इससे पहले वे नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा, दुर्ग और कबीरधाम जैसे जिलों में एसपी रह चुके हैं।
कैसे बने दोनों सरकारों के करीबी?
अभिषेक पल्लव ने भूपेश बघेल सरकार में नक्सल प्रभावित इलाकों में कई नवाचार किए। उन्होंने “लोन वर्राटू” यानी घर वापसी अभियान शुरू किया। इस अभियान से कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इससे भूपेश बघेल सरकार को फायदा हुआ।
बाद में उनका ट्रांसफर दुर्ग कर दिया गया। यह पूर्व सीएम भूपेश बघेल का गृह जिला है। यहां महादेव सट्टा ऐप का बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। इसी दौरान उनका नाम विवादों में आ गया।
वर्तमान सरकार में क्या हुआ?
जब भाजपा सरकार आई, तब डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने उन्हें अपने गृह जिले कबीरधाम का एसपी बनाया। यहां उन्होंने फिर से बेहतर काम किए। लेकिन, एक हिंसा की घटना के बाद उन्हें रायपुर भेज दिया गया।
CBI की रेड क्यों पड़ी?
CBI की टीम ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल, विधायक देवेंद्र यादव और कई अफसरों के ठिकानों पर छापा मारा। इसमें अभिषेक पल्लव का घर भी शामिल था। माना जा रहा है कि यह महादेव सट्टा ऐप और कुछ अन्य मामलों से जुड़ी जांच का हिस्सा है।
क्या होगा आगे?
CBI की जांच के बाद ही साफ होगा कि IPS अभिषेक पल्लव का इस मामले में क्या रोल है। वे पहले भी अपने कड़े फैसलों और नवाचारों के लिए जाने जाते रहे हैं। अब देखना होगा कि इस जांच का क्या नतीजा निकलता है।
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