
कभी हर सुबह गूंजती थी इसकी चहचहाहट” – शहरों से इसलिए गायब हो रही है नन्ही गौरैया?
By- Nadeem Khan कभी सुबह की शुरुआत होती थी इनकी चहचहाहट से…पुराने घरों में छज्जे, ओटें और दीवारों के छोटे-छेद गौरैया के लिए “सपनों के घर” थे। ये छोटे-छोटे कोने उनके घोंसलों का ठिकाना, बच्चों के लिए सुरक्षित आश्रय और रात गुजारने का घर थे। लेकिन अब हर ओर ऊंची











