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स्वदेश स्पेशल

पचास बाल्टी पेशाब से होकर निकली माचिस की कहानी — जब एक एल्कमिस्ट ने सोना बनाने की कोशिश में खोज लिया फास्फोरस

concept&writer: Yoganand Shrivastva साल 1670 का दशक था। जगह — हैम्बर्ग, जर्मनी। शहर के बीचोंबीच एक पुराना तहखाना, जहां मोमबत्तियों की हल्की रोशनी टिमटिमा रही थी, हवा में एक अजीब सी बदबू थी — पेशाब की बदबू। और वहां, उस बदबू के बीच, एक आदमी झुका हुआ था — नाम

पेपर कप में चाय पीना बन सकता है कैंसर का कारण: IIT खड़गपुर की रिसर्च में बड़ा खुलासा

पेपर कप में चाय पीना बन सकता है कैंसर का कारण: IIT खड़गपुर की रिसर्च में बड़ा खुलासा

रोजाना पेपर कप में चाय या कॉफी पीना सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। IIT खड़गपुर के शोध में पाया गया है कि पेपर कप में गर्म पेय डालने पर मात्र 15 मिनट में 25,000 माइक्रोप्लास्टिक कण निकलते हैं, जो शरीर में जाकर कैंसर, हार्मोनल गड़बड़ी और नर्वस

जब रूस ने बेचा अपना खज़ाना: अलास्का की वो डील जिस पर आज तक पछता रहा है पूरा रूस

concept&writer: Yoganand Shrivastava कहानी है उस वक्त की, जब दुनिया की नक्शे पर न रॉकेट थे, न तेल की राजनीति, और न ही परमाणु बटन—बस एक यूरोप था जो बर्फ, सत्ता और लालच में डूबा हुआ था। साल था 1867, जब रूस ने अपनी सबसे कीमती जमीन, यानी अलास्का (Alaska),

The mystery of the coffin: A teenager sleeping in the basement, why did he turn 'green' centuries later, an unsolved combination of death and metal?

ताबूत का रहस्य: तहखाने में सोया किशोर, सदियों बाद क्यों हो गया ‘हरा’, मौत और धातु का अनसुलझा मेल ?

special report by: vijay nandan दशकों से वैज्ञानिकों को चकरा देने वाले ‘हरी ममी’ (Green Mummy) के रहस्य से पर्दा उठ गया है। इटली में सैकड़ों साल पहले दफनाए गए एक किशोर का शव तांबे के ताबूत में रखे जाने के कारण विशिष्ट पन्ने जैसी हरी आभा (Emerald Sheen) में

सम्मोहन काम कैसे करता है? गोवा के एक लड़के ने दुनिया को सिखाया : ऐबे फारिया की अद्भुत कहानी

concept&Writer: Yoganand Shrivastva कहानी शुरू होती है सोलहवीं सदी के आखिर में, हिंदुस्तान के पश्चिमी तट पर बसे एक छोटे से प्रदेश—गोवा—से। तब यह इलाका पुर्तगालियों के कब्जे में था। वहीं, साल 1756 में कैंडोलिम नाम के गांव में एक बच्चे ने जन्म लिया, नाम रखा गया—जोसे कुस्तोदियो दे फारिया

भारत, हिंदुस्तान और इंडिया: नाम एक, कहानियां कई , कैसे एक देश के तीन नाम बने उसकी पहचान

concept&Writer: Yoganand Shrivastva कहते हैं किसी इंसान का नाम उसके व्यक्तित्व की पहचान होता है, लेकिन जब बात एक देश की हो, तो उसका नाम उसकी सभ्यता, इतिहास और आत्मा से जुड़ा होता है। और अगर वो देश भारत हो, तो बात और भी दिलचस्प हो जाती है। क्योंकि इस

राष्ट्रीय एकता दिवस 2025 : लौह पुरुष सरदार पटेल, बिखरे भारत को बनाया अखंड राष्ट्र

राष्ट्रीय एकता दिवस 2025 : लौह पुरुष सरदार पटेल, बिखरे भारत को बनाया अखंड राष्ट्र

आज पूरा देश लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मना रहा है। 31 अक्टूबर को हर वर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) के रूप में मनाया जाता है, ताकि भारत की अखंडता, एकता और मजबूती के प्रतीक इस महानायक के योगदान को याद किया जा सके।सरदार पटेल

जब भारत में शराब लेकर आए अंग्रेज ‘सुरा’ से ‘सिग्नेचर’ तक का सफर, जिसमें बस नशा ही नहीं, एक पूरा इतिहास बहता है

Concept&writer: Yoganand Shrivastava शराब की कहानी उतनी ही पुरानी है जितनी इंसान की सभ्यता, और शायद उतनी ही जटिल भी। आज जो बोतलें चकाचौंध भरी दुकानों में सजी दिखती हैं — बीयर, रम, व्हिस्की, वाइन — उनका सफर हजारों साल पुराना है। इतिहास के पन्नों में झांकें तो शराब का

क्रिकेट की पहली गेंद से लेकर सीके नायडू तक — भारत में बैट और बॉल का पूरा इतिहास

concept&writer: Yoganand Shrivastava क्रिकेट, एक ऐसा खेल जिसे आज भारत धर्म की तरह पूजता है, उसकी शुरुआत किसी अंग्रेज़ गली के धूल भरे मैदान से हुई थी, न कि किसी बड़े स्टेडियम से। माना जाता है कि 16वीं सदी में इंग्लैंड के ग्रामीण इलाकों में बच्चों ने लकड़ी के डंडे

कहानी आलू की: ज़हर से ज़ायका बनने तक का सफर, जब ‘शैतान का सेब’ बना हर थाली का राजा

Concept&writer: Yoganand Shrivastva अगर किसी सब्ज़ी को ‘भारत का राजा’ कहा जाए, तो बिना किसी वोटिंग के यह ताज आलू के सिर पर सजता है। पर यह कहानी सिर्फ एक सब्ज़ी की नहीं, बल्कि एक ऐसी ‘क्रांति’ की है जिसने पूरी दुनिया की रसोई, खेती और इतिहास को बदल दिया।