नई दिल्ली, 29 मार्च: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विश्वास जताया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने लगातार बेहतर प्रदर्शन के कारण केंद्र में कम से कम 30 साल तक सत्ता में बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी पार्टी की जीत उसकी मेहनत पर निर्भर करती है। यदि कोई पार्टी दिन-रात मेहनत करती है और “खुद के लिए नहीं, बल्कि देश के लिए जीती है, तो जीत उसकी होगी।”
शाह ने ‘टाइम्स नाउ समिट 2025’ में शुक्रवार रात कहा, “जब मैं भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष था, तब मैंने कहा था कि भाजपा अगले 30 साल तक सत्ता में रहेगी। अभी तो केवल 10 साल ही हुए हैं।”
उन्होंने कहा कि जब कोई पार्टी अच्छा प्रदर्शन करती है, तो उसे जनता का विश्वास और जीत का आत्मविश्वास मिलता है। लेकिन जो पार्टियां अच्छा प्रदर्शन नहीं करतीं, उनमें यह आत्मविश्वास नहीं होता।
यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पर क्या बोले शाह?
गृह मंत्री से जब यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि भाजपा शासित सभी राज्य एक-एक करके UCC लागू करेंगे, क्योंकि यह भाजपा का प्रमुख एजेंडा रहा है।
उन्होंने कहा, “यह आएगा। यह संविधान सभा का निर्णय था (UCC लागू करने का)। कांग्रेस इसे भूल गई होगी, लेकिन हम नहीं भूलेंगे। हमने कहा था कि हम अनुच्छेद 370 हटाएंगे, हमने कर दिखाया। हमने कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर बनाएंगे, वह भी हो गया। अब UCC बाकी है, हम इसे भी पूरा करेंगे।”
शाह ने बताया कि उत्तराखंड सरकार ने पहले ही UCC लागू करने का कानून बना लिया है। “एक-एक करके सभी भाजपा शासित राज्य इसे लागू करेंगे। गुजरात ने पहले ही इसके लिए एक समिति बना ली है। यह एक चल रही प्रक्रिया है। सभी राज्य अपनी सुविधा के अनुसार इसे लागू करेंगे।”

दिल्ली HC जज के आवास से नकदी मिलने के मामले पर क्या कहा?
जब दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा के आवास से बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के आरोपों के बारे में पूछा गया, तो शाह ने कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और तीन हाई कोर्ट जजों की एक समिति से जांच करवा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हम इस जांच में सहयोग कर रहे हैं। हमें CJI द्वारा गठित समिति के निष्कर्ष का इंतजार करना चाहिए।”
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया था, जिसमें जज वर्मा के आवास से जली हुई नकदी मिलने के मामले में दिल्ली पुलिस से FIR दर्ज करने की मांग की गई थी।
शाह ने कहा, “जब कोई FIR दर्ज नहीं हो सकती, तो जब्ती कैसे हो सकती है? FIR केवल भारत के मुख्य न्यायाधीश की अनुमति से ही दर्ज की जा सकती है।”
क्या RSS मोदी सरकार के कामकाज में दखल देता है?
जब RSS के हस्तक्षेप के बारे में पूछा गया, तो शाह ने कहा कि संघ ने कभी भी सरकार के कामकाज में दखल नहीं दिया है।
उन्होंने कहा, “RSS पिछले 100 साल से देशभक्तों को तैयार कर रहा है। मैंने RSS से सीखा है कि कैसे कई आयामों को साथ लेकर देशभक्ति को केंद्र में रखा जाए। हस्तक्षेप का कोई सवाल ही नहीं उठता।”
देश की आंतरिक सुरक्षा स्थिति पर क्या बोले?
शाह ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में उन्हें तीन बड़ी चुनौतियाँ विरासत में मिली थीं: नक्सल हिंसा, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और पूर्वोत्तर में उग्रवाद।
उन्होंने कहा, “पिछले 10 सालों में, इन तीनों क्षेत्रों में 16,000 युवाओं ने आत्मसमर्पण किया है। देश के गृह मंत्री के रूप में, मेरा कर्तव्य है कि मैं इन सभी जगहों पर शांति स्थापित करूँ। यह प्रधानमंत्री की प्राथमिकता है और स्वाभाविक रूप से मेरी भी। इन समस्याओं के कारण इन क्षेत्रों में विकास रुका हुआ था।”
पूजा स्थल अधिनियम पर सरकार का रुख क्या है?
जब पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 पर सरकार के रुख के बारे में पूछा गया, तो शाह ने कहा कि वह इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहते क्योंकि यह मामला अदालत में विचाराधीन है।
उन्होंने कहा, “मुझे यकीन है कि सुप्रीम कोर्ट इस पर उचित आदेश देगा। हम निश्चित रूप से अदालत के आदेश का पालन करेंगे।”
पूजा स्थल अधिनियम, 1991, किसी भी पूजा स्थल के धार्मिक स्वरूप को 15 अगस्त, 1947 की स्थिति में बनाए रखने का प्रावधान करता है, लेकिन राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले को इससे अलग रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट इस समय इस अधिनियम को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है।
जब पूछा गया कि सरकार ने अभी तक इस मामले पर अदालत में हलफनामा क्यों नहीं दाखिल किया है, तो शाह ने कहा, “हम निश्चित रूप से हलफनामा दाखिल करेंगे।”
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