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RJD नेता तेजस्वी यादव के बयान पर भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद का पलटवार, कहा- ‘उनके पिता रेल मंत्री थे… क्या वे कोई IAS-IPS थे’

UPSC लेटरल भर्ती पर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव के बयान पर भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा, “तेजस्वी यादव को कुछ याद दिलाना जरूरी है कि जब उनके पिता रेल मंत्री थे, मनमोहन सिंह सीधे राजस्व सचिव बने, क्या वे कोई IAS-IPS थे? विजय केलकर वित्त सचिव बनें। कांग्रेस का इतिहास भरा हुआ है…तेजस्वी यादव को थोड़ा होमवर्क करना सीखिए…PM मोदी ने स्पष्ट कहा कि हम पिछड़ों के हक पर कोई हमला नहीं होने देंगे…”

दरअसल, बीते दिन लेटरल एंट्री पर विवाद होते देख केंद्र सरकार ने इसे रद्द कर दिया था। तब से विपक्षी दल के नेता इसे अपनी जीत बता रहे हैं। उनका कहना है कि विपक्ष के मजबूत होने की वजह से मोदी सरकार को पीछे हटना पड़ा। इसी मुद्दे पर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार को घेरा था।

तेजस्वी ने क्या कहा था?

उन्होंने कहा था, “हमने इस मुद्दे को सबसे पहले उठाया… यह लोग(भाजपा) लेटरल भर्ती के बहाने आरक्षण को समाप्त करना चाहते हैं और संविधान के खिलाफ काम कर रहे हैं… वे(भाजपा) किसी भी कीमत पर नहीं चाहते कि SC-ST समाज सचिवालय में बैठे बल्कि ये लोग चाहते हैं कि शौचालय में बैठे… बिना किसी परीक्षा और आरक्षण के IAS और IPS भर्ती हो जाएंगे। इसका मतलब संघ के लोगों की भर्ती करने का प्रयास किया जा रहा है। हम इसका कड़ा विरोध करते हैं… चिराग पासवान और जीतन राम मांझी क्या कर रहे हैं? इनके बदौलत सरकार है और वे सिर्फ देख रहे हैं?… यह दोहरी नीति नहीं चलने वाली है… रामविलास पासवान ने अल्पसंख्यक के सवाल पर इस्तीफा दे दिया था और वे(चिराग पासवान) केवल मलाई खाने का काम कर रहे हैं… देश की जनता, आदिवासी समाज इन नेताओं को देख रही है और समय पर इन्हें सबक सिखाने का काम करेगी।”

क्या है लेटरल एंट्री?

अगर हम लेटरल एंट्री को सरल भाषा में समझें तो यह बिना परीक्षा के सीधी भर्ती से संबंधित है। लेटरल एंट्री के जरिए केंद्र सरकार UPSC के बड़े पदों पर प्राइवेट सेक्टर के एक्सपर्ट्स की सीधी भर्ती करती है। जिसमें राजस्व, वित्त, आर्थिक, कृषि, शिक्षा जैसे सेक्टर्स में लंबे समय से काम कर रहे लोग शामिल होते हैं।

सरकार के मंत्रालयों में ज्वाइंट सेक्रेटरी, डायरेक्टर्स और डिप्टी सेक्रेटरी की पोस्ट पर भर्ती लेटरल एंट्री से की जाती है। UPSC में लेटरल एंट्री की शुरुआत साल 2018 में हुई थी। इसमें जॉइंट सेक्रेटरी लेवल की पोस्ट के लिए 6077 एप्लीकेशन आए। UPSC की सिलेक्शन प्रोसेस के बाद 2019 में अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों में 9 नियुक्ति हुई।

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