रिपोर्टर: ऋषभ कुमार
BIHAR NEWS:नवादा जिले के रजौली वन क्षेत्र में अवैध खनन माफियाओं के विरुद्ध वन विभाग ने अपनी पकड़ और सख्त कर दी है। इसी कड़ी में गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए वन विभाग की विशेष टीम ने सवैयाटांड़ पंचायत स्थित ललकी अभ्रक माइंस क्षेत्र में छापेमारी की। सोमवार की देर रात सन्नाटे को चीरते हुए पहुंची टीम ने मौके से अवैध रूप से उत्खनन किए गए पत्थरों से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को बरामद किया है। वन विभाग की इस औचक कार्रवाई से खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है और विभागीय सक्रियता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि संरक्षित क्षेत्रों में प्राकृतिक संपदा की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

BIHAR NEWS:रेंजर नारायण लाल सेवक की अगुवाई में हुई छापेमारी और विधिक कार्रवाई छापेमारी के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए रेंजर नारायण लाल सेवक ने बताया कि विभाग को पिछले कुछ समय से लालकी माइंस क्षेत्र में अवैध पत्थर और अभ्रक के उत्खनन की गुप्त सूचना मिल रही थी। इस सूचना के सत्यापन के उपरांत एक रणनीतिक योजना तैयार कर टीम ने देर रात मौके पर दबिश दी। हालांकि अंधेरे का लाभ उठाकर खनन में लगे मजदूर और चालक भागने में सफल रहे, लेकिन विभाग ने अवैध सामग्री समेत वाहन को अपनी कस्टडी में ले लिया है। इस मामले में ट्रैक्टर-ट्रॉली के मालिक की पहचान की जा रही है और उनके विरुद्ध वन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सवैयाटांड़ पंचायत में खनन माफियाओं का जाल और स्थानीय चुनौती:-
BIHAR NEWS: रजौली का सवैयाटांड़ क्षेत्र प्राकृतिक रूप से अभ्रक और कीमती पत्थरों से संपन्न है, जो अब माफियाओं के लिए कमाई का जरिया बन चुका है। लालकी माइंस और शारदा अभ्रक माइंस के अलावा यहां दर्जनों ऐसी खदानें हैं जहां संगठित गिरोह सक्रिय रूप से अवैध खुदाई को अंजाम दे रहे हैं। यह स्थिति केवल पर्यावरणीय नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में एक मजबूत माफिया नेटवर्क की उपस्थिति को भी दर्शाती है। स्थानीय सूत्रों की मानें तो इन माफियाओं को कुछ प्रभावशाली लोगों और स्थानीय तत्वों का मूक संरक्षण प्राप्त है, जिससे रात के अंधेरे में अवैध उत्खनन का कार्य निर्बाध रूप से जारी रहता है।

पर्यावरण संरक्षण हेतु निरंतर अभियान की चेतावनी :-
BIHAR NEWS:वन विभाग की इस हालिया सफलता पर स्थानीय ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए विभाग की प्रशंसा की है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इसी प्रकार की निरंतर कार्रवाई जारी रही, तभी सरकारी संपदा और जंगली क्षेत्र को सुरक्षित रखा जा सकता है। इधर, रेंजर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विभाग की यह कार्रवाई महज एक शुरुआत है। आने वाले दिनों में रजौली वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी संदिग्ध माइंस पर निगरानी बढ़ाई जाएगी और खनन माफियाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। विभाग अब उन सरगनाओं की तलाश में है जो पर्दे के पीछे रहकर इस संगठित अवैध व्यापार का संचालन कर रहे हैं।




