BY: Yoganand Shrivastva
फिल्म ‘दृश्यम 2’ के निर्माता और अजय देवगन के मैनेजर कुमार मंगत पाठक को दिल्ली सेशन कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने पाया कि उन पर दर्ज की गई FIR झूठी और निराधार थी। इसी आधार पर उन्हें अग्रिम जमानत प्रदान की गई। अब उनकी कानूनी टीम FIR दर्ज कराने वाले दिल्ली के कारोबारी राजिंदर गोयल के खिलाफ 100 करोड़ रुपए का मानहानि मुकदमा दायर करने जा रही है।
कोर्ट ने क्या कहा?
तथ्यों और सबूतों की गहन जांच के बाद कोर्ट ने माना कि आरोपों में कोई आधार नहीं है। आदेश में स्पष्ट किया गया कि:
- न तो कुमार मंगत और न ही उनकी कंपनी पैनोरमा स्टूडियोज इंटरनेशनल लिमिटेड (PSIL) का गोयल के साथ किसी भी तरह का लेनदेन या समझौता हुआ है।
- गोयल ने न तो पाठक को और न ही उनकी कंपनी में कभी कोई निवेश किया है।
- उनके लगाए गए सभी दावे मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण हैं।
कोर्ट ने इस FIR को एक भ्रामक और बदनियत से किया गया प्रयास बताया, जिससे कुमार मंगत की छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की गई।
कुमार मंगत का पक्ष
कुमार मंगत, जिन्होंने दशकों तक मेहनत और ईमानदारी से फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई है, का कहना है कि गोयल जिन सौदों का जिक्र कर रहे हैं, वे तीसरे पक्ष से जुड़े थे, न कि उनसे या उनकी कंपनी से। उन्हें इसमें घसीटना पूरी तरह गलत है।
उनकी कानूनी टीम ने कहा—
“यह फैसला पाठक जी की स्पष्ट जीत है। मानहानि का केस यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति बिना सबूत के किसी की प्रतिष्ठा धूमिल करने की कोशिश न करे।”
साथ ही मीडिया से भी अपील की गई है कि वे बिना पुष्टि किए किसी भी तरह के भ्रामक आरोपों को न फैलाएं।
पूरा मामला
दिल्ली के व्यवसायी राजिंदर गोयल ने कुमार मंगत पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। उनका दावा था कि एक सौदे में उन्हें गुमराह कर 4.3 करोड़ रुपए निवेश करवाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि ‘दृश्यम 2’ की डबिंग के लिए 75 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए थे और उन्हें आश्वासन दिया गया था कि फिल्म को चीन, हांगकांग और ताइवान में चीनी भाषा में रिलीज करने के अधिकार दिए जाएंगे।
कोर्ट ने इन दावों को बेबुनियाद करार दिया और कुमार मंगत को राहत दी।





