by: vijay nandan
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बहुप्रतीक्षित शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 5 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।
सत्र से जुड़ी मुख्य बातें
| विवरण | जानकारी |
| सत्र की अवधि | 1 दिसंबर से 5 दिसंबर |
| कुल दिन | 5 दिवसीय सत्र |
| कुल बैठकें | 4 बैठकें (एक दिन का अवकाश रहेगा) |
| प्रमुख कार्य | अनुपूरक बजट और चार संभावित विधेयक |
| प्रश्नों का तरीका | विधायक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से सवाल पूछ सकेंगे |
इस छोटे, लेकिन महत्वपूर्ण सत्र के लिए विभिन्न सरकारी विभागों ने अपनी तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। माना जा रहा है कि इस दौरान अनुपूरक बजट के साथ-साथ चार महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में पेश किए जा सकते हैं।

विपक्ष की तैयारी
एक ओर जहाँ सरकार सत्र की तैयारियों में जुटी है, वहीं विपक्ष भी पूरी तरह से तैयार है। विपक्ष ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। विधायकों के सवालों की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी, जिसके लिए ध्यान आकर्षण और अन्य प्रस्तावों को प्रस्तुत करने की समय-सीमा भी तय की जाएगी।
विधानसभा के नए प्रमुख सचिव
इस संदर्भ में यह भी बता दें कि अरविंद शर्मा को 1 अक्टूबर से विधानसभा का नया प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है। उन्होंने अवधेश प्रताप सिंह का स्थान लिया है, जो 30 सितंबर को सेवानिवृत्त होने के बाद मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग के सदस्य बनाए गए हैं।
बता दें कि विधानसभा का मानसून सत्र 28 जुलाई को शुरू हुआ था और इसे 8 अगस्त 2025 तक चलना था, लेकिन दो दिन पहले 6 अगस्त को इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था.





