BY
Yoganand Shrivastava
Bhopal news: मंडल से गुजरने वाली भीड़भाड़ वाली और प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए रेलवे ने नया सुरक्षा मॉडल लागू किया है। अब ट्रेनों में सादे कपड़ों में जवानों की तैनाती, लगातार गश्त और तकनीकी निगरानी के जरिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।
नए सुरक्षा इंतजाम
- रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी ने मिलकर प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों पर निगरानी बढ़ाई है।
- रात के समय यात्रा करने वाले कोच और संवेदनशील ट्रेनों में चेकिंग और पेट्रोलिंग तेज की गई है।
- विशेष रूप से बिलासपुर एक्सप्रेस और इंदौर एक्सप्रेस को निगरानी में रखा गया है, क्योंकि इन ट्रेनों में चोरी की घटनाएं अधिक दर्ज हुई हैं।
- इटारसी से रानी कमलापति स्टेशन के बीच का हिस्सा सेंसिटिव जोन घोषित किया गया है। इस मार्ग पर अतिरिक्त पेट्रोलिंग और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
सख्त कार्रवाई और निगरानी के नतीजे
पिछले साल आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में 160 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 125 मामलों में चोरी गई संपत्ति बरामद हुई। लगभग 33 लाख रुपये की रिकवरी हुई, जिनमें से आधे मोबाइल फोन यात्रियों को वापस किए जा चुके हैं।
महिला यात्रियों के लिए जीरो टालरेंस नीति
रेलवे ने महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है। छेड़छाड़ या उत्पीड़न के मामलों में तुरंत कदम उठाए जा रहे हैं। पहले जहां ऐसे मामलों के निपटारे में महीनों लग जाते थे, अब औसतन दो महीने में केस सुलझा दिए जाते हैं।
नए सुरक्षा मॉडल के लागू होने से भोपाल मंडल की प्रमुख ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा में सुधार हुआ है और चोरी-छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल रही है।





