BY: MOHIT JAIN
नवरात्रि के पहले दिन राजधानी भोपाल के अवधपुरी इलाके में श्री कृष्ण सेवा समिति के गरबा पंडाल के बाहर विवादित होर्डिंग लगाने से विवाद खड़ा हो गया। होर्डिंग में लिखा गया था: “जिहादियों का आना सख्त मना है, पकड़े जाने पर घर वापसी कराई जाएगी।”
इस होर्डिंग में जूते-चप्पल और लाठी की तस्वीरें भी शामिल थीं, जिससे आसपास के लोग और श्रद्धालु मिश्रित प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वहीं, कुछ युवकों ने अपमानजनक नारे भी लगाए, जिनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पंडाल में प्रवेश के लिए पांच नियम

श्री कृष्ण सेवा समिति ने पंडाल में प्रवेश के लिए कुछ विशेष नियम बनाए हैं। इनमें शामिल हैं:
- माथे पर तिलक और हाथों में कलावा।
- आधार कार्ड की जांच।
- गंगाजल और गोमूत्र का आचमन।
- वराह देवता और मां दुर्गा की तस्वीर को प्रणाम।
- पंडाल में केवल उन लोगों का स्वागत जो सनातन धर्म और परंपराओं का सम्मान करते हैं।
समिति अध्यक्ष गोपाल तोमर का कहना है कि पंडाल में उन लोगों का स्वागत है जो सनातन धर्म में विश्वास रखते हैं और मां-बहनों का सम्मान करते हैं।
नियमों का उल्लंघन करने पर चेतावनी
गोपाल तोमर ने स्पष्ट किया कि पंडाल में अपमानजनक या परंपरा विरोधी व्यवहार करने वालों को रोकने के लिए ये नियम लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा:
“जो हमारी मां-बहनों का सम्मान करते हैं, देवी को देवी मानते हैं, उनका स्वागत है। जो लोग इन नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें पकड़ा गया तो हम उन्हें सनातन में वापस लाएंगे।”
पंडाल के बाहर कुछ युवकों को लाठी-डंडों के साथ खड़ा देखा गया। समिति ने साफ किया कि यह व्यवस्था केवल उन लोगों के लिए है जो पंडाल की परंपराओं का सम्मान नहीं करते।
इस विवाद ने भोपाल में सोशल मीडिया और स्थानीय समुदाय में चर्चा का विषय बन गया है। नवरात्रि जैसे धार्मिक अवसर पर होर्डिंग और नियमों को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं।





