रिपोर्ट- विष्णु गौतम
भिलाई: जामुल गुरुघासीदास नगर इलाके में दस दिन पहले हुए गोलीकांड के मुख्य आरोपी करन साव के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम की टीम ने छावनी पुलिस की मौजूदगी में करन साव की कैंप-2 मार्केट स्थित दुकान को बुलडोजर से ध्वस्त कर अतिक्रमण हटाया। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि करन साव ने अपने बड़े पापा, चाचा और भाई के साथ मिलकर विकास प्रजापति की हत्या की साजिश रची थी। आरोप है कि इसके लिए झारखंड से शूटर बुलाए गए थे, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर फायरिंग की योजना को अंजाम दिया। अब तक पुलिस इस मामले में झारखंड के दो शूटर समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्त में ले चुकी है। करन साव फिलहाल जेल में बंद है।

परिजनों का आरोप—’चुनिंदा कार्रवाई’, बदले की भावना से हटाई गई दुकान
तोड़फोड़ के दौरान मौजूद करन साव के परिजनों ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन पर पक्षपात के आरोप लगाए। उनका कहना है कि यदि कार्रवाई करनी थी, तो सभी आरोपियों के अवैध निर्माणों के खिलाफ समान रूप से कदम उठाया जाना चाहिए था। परिजनों ने दावा किया कि केवल करन साव की दुकान को निशाना बनाया गया, जो “बदले की कार्रवाई” जैसा प्रतीत होता है।
निगम कमिश्नर का बयान—’नियमों के अनुसार कार्रवाई’
नगर पालिका निगम भिलाई के कमिश्नर राजीव पांडे ने आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई दोषपूर्ण या चयनित नहीं है। संबंधित स्थान पर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माण प्रस्तावित है, इसलिए अतिक्रमण हटाया गया। कमिश्नर के अनुसार कार्रवाई से पहले सभी नियमानुसार प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
इलाके में पुलिस सतर्क, अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश
बुलडोजर कार्रवाई के बाद जामुल क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अवैध निर्माणों पर सख्त कदम उठाना उनकी प्राथमिकता है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





