रिपोर्ट: संजू जैन
थानखम्हरिया नगर पंचायत क्षेत्र में तहसील कार्यालय परिसर के खुले सेप्टिक टैंक में गौमाता की मौत के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सहसंयोजक गणेश वैष्णव के नेतृत्व में कोदवा चौक पर चक्काजाम कर प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध जताया।
क्या है पूरा मामला?
बजरंग दल के सहसंयोजक गणेश वैष्णव ने बताया कि तहसीलदार मोरध्वज साहू, नायब तहसीलदार प्रदीप तिवारी और नगर पंचायत के सीएमओ की मौजूदगी के बावजूद, सेप्टिक टैंक में गिरी गौमाता को निकालने या बचाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। लापरवाही के चलते कुछ ही घंटों में गौमाता की मौत हो गई।

आरोप है कि मौत के बाद भी अधिकारियों ने संवेदनहीनता दिखाते हुए शव को बाहर निकालने के बजाय सेप्टिक टैंक में रसायन डालकर वहीं डिकंपोज करने की कोशिश की और बाद में टैंक को कंक्रीट कर सील कर दिया। इस कार्रवाई को गौ-आस्था का अपमान और क्रूरता बताते हुए हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है।
कौन-कौन हैं आरोपों के घेरे में?
तहसीलदार मोरध्वज साहू
नायब तहसीलदार प्रदीप तिवारी
नगर पंचायत सीएमओ
बजरंग दल व गौसेवकों की मांग है कि तीनों अधिकारियों को तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जाए।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़े स्तर पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल चक्काजाम कुछ समय बाद समाप्त किया गया, लेकिन माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।





