Isa Ahmad
रिपोर्ट: उमेश डहरिया
Bank Employees Strike 2026: कोरबा जिले में सार्वजनिक क्षेत्र के सभी सरकारी बैंकों के कर्मचारी 5-डे वर्किंग वीक की मांग को लेकर काम बंद हड़ताल पर चले गए हैं। यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर देशभर में की जा रही है। हड़ताल के चलते जिले के सरकारी बैंकों में सामान्य कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा।
Bank Employees Strike 2026: हड़ताल से कैश ट्रांजैक्शन और चेक क्लियरेंस ठप
UFBU के अनुसार, बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांग सप्ताह में केवल पांच दिन कार्य प्रणाली (5-डे वर्किंग) लागू करने की है। हड़ताल के कारण बैंकों में कैश ट्रांजैक्शन, चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट और अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

महीने के चौथे शनिवार 23 जनवरी, रविवार 25 जनवरी और गणतंत्र दिवस 26 जनवरी की छुट्टी के बाद यह लगातार चौथा दिन है, जब सरकारी बैंकों का कामकाज प्रभावित हुआ है। हालांकि बैंकों की ओर से शाखाएं बंद रखने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सेवाएं ठप रहीं।
Bank Employees Strike 2026: सरकारी अधिसूचना नहीं होने से बढ़ा विवाद
बैंक यूनियनों और सरकार के बीच विवाद की मुख्य वजह शनिवार की छुट्टी को लेकर है। बैंक कर्मचारी लंबे समय से सप्ताह में दो दिन अवकाश की मांग कर रहे हैं। यूनियनों का कहना है कि मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनियनों के बीच हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते में सभी शनिवारों को छुट्टी देने पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इसका सरकारी नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया।
यूनियन नेताओं का तर्क है कि 5-डे वर्किंग के बदले कर्मचारी हर दिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हैं। उनका कहना है कि यह मांग संतुलित कार्यप्रणाली और बेहतर कार्य-जीवन संतुलन के लिए जरूरी है।
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फिलहाल, वर्तमान व्यवस्था के तहत बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को ही अवकाश रहता है। यूनियन ने सरकार से मांग की है कि 5-डे वर्किंग वीक को लेकर जल्द से जल्द आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाए।
वहीं, प्राइवेट बैंकों में कामकाज सामान्य रूप से जारी है, क्योंकि वे UFBU का हिस्सा नहीं हैं।





