Reporter: Devendra Jaiswal, Edit By: Mohit Jain
सेना के रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी के 200 साल पूरे होने के अवसर पर विशेष एक्सपीडिशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें सेना के पावर हैंग ग्लाइडर और माइक्रोलेट ग्लाइडर महू स्थित एरोनॉडल सेंटर से धुले के लिए उड़ान भरी। इस अवसर पर एमसीटीई कमांडेंट ले. जनरल विवेक डोगरा ने सभी प्रतिभागियों को झंडी दिखाकर रवाना किया।
62 दिन में 8000 किलोमीटर की यात्रा, 4 नवंबर को कन्याकुमारी में समाप्त
कारगिल से शुरू हुआ यह अभियान चार नवंबर को कन्याकुमारी में समाप्त होगा। इस दौरान सेना के जवान 62 दिनों में लगभग 8000 किलोमीटर की उड़ान पूरी करेंगे। महू एरोनॉडल सेंटर से भी पावर हैंग ग्लाइडर और माइक्रोलेट ग्लाइडर शामिल हुए और विभिन्न मार्गों पर उड़ान भरी।
आर्टिलरी रेजिमेंट की 200वीं वर्षगांठ का प्रतीक
इस अभियान का उद्देश्य न केवल सेना के तकनीकी कौशल और साहस का प्रदर्शन करना है, बल्कि आर्टिलरी रेजिमेंट के 200 वर्षों की सेवा और योगदान को भी सम्मानित करना है। एक्सपीडिशन से जवानों की क्षमता और देशभक्ति को बढ़ावा मिलेगा।





