Report: Punit sen
Anuppur कोतमा में आत्महत्या के एक पुराने मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ लिया है। घटना के एक महीने बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज पीड़ित परिवार के समर्थन में पूर्व विधायक सुनील सराफ सड़क पर उतर आए हैं।
SDOP कार्यालय का घेराव और भारी गहमागहमी
Anuppur न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक सुनील सराफ के नेतृत्व में पीड़ित परिवार और समर्थकों ने कोतमा SDOP कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। कार्यालय परिसर में ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और स्थिति काफी तनावपूर्ण रही। परिजनों का सीधा आरोप है कि पुलिस मामले को जानबूझकर लटका रही है।

सुसाइड नोट में नाम, फिर भी कार्रवाई शून्य
Anuppur मृतक की पत्नी ने मीडिया के सामने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके पति ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें प्रताड़ित करने वाले व्यक्तियों के नाम साफ तौर पर लिखे हुए थे। इसके बावजूद, पुलिस प्रशासन ने अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की है। परिजनों का दावा है कि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय उन्हें ‘संरक्षण’ दे रही है, जिससे उनके जान-माल का खतरा बना हुआ है।
तीन दिन का आश्वासन और एक महीने का इंतजार
Anuppur परिजनों के अनुसार, कोतमा थाना प्रभारी ने कुछ समय पहले निष्पक्ष जांच के लिए केवल तीन दिन का समय मांगा था, लेकिन हफ़्तों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। पूर्व विधायक सुनील सराफ ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने जल्द ही सुसाइड नोट के आधार पर आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा, तो इस आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा।





