देशभर में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे सबसे बड़े अभियान ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट की सफलता को गृहमंत्री अमित शाह ने सराहा। इस ऐतिहासिक ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा के कुर्रगुट्टालू पहाड़ (KGH) पर 31 कुख्यात नक्सलियों को मार गिराया था। शाह ने ऑपरेशन को “नक्सल विरोधी अभियान का स्वर्णिम अध्याय” बताया और जवानों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट: सबसे बड़ा नक्सल विरोधी अभियान
- तारीख: 14 मई 2025
- स्थान: कुर्रगुट्टालू पहाड़, छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा
- अवधि: 21 दिन
- सफलता: 31 नक्सलियों का खात्मा, नक्सलियों का बेस कैंप और सप्लाई चेन नष्ट
- शामिल बल: CRPF, छत्तीसगढ़ पुलिस, DRG और कोबरा कमांडो
इस अभियान ने PLGA बटालियन 1, DKSZC, TSC और CRC जैसे संगठनों के एकीकृत मुख्यालय को ध्वस्त कर दिया, जहां नक्सलियों की ट्रेनिंग और रणनीति तैयार होती थी।
जवानों का पराक्रम और चुनौतियां
इस ऑपरेशन को सुरक्षाबलों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में अंजाम दिया:
- पहाड़ी और जंगलों वाला इलाका
- हर कदम पर IED विस्फोट का खतरा
- अत्यधिक गर्मी और ऊंचाई की चुनौतियां
इसके बावजूद, जवानों ने बुलंद हौसले के साथ नक्सलियों के गढ़ को ध्वस्त किया।
अमित शाह का बड़ा बयान: 2026 तक नक्सलमुक्त भारत
अमित शाह ने कहा:
“जब तक सभी नक्सली आत्मसमर्पण नहीं करते या पकड़े नहीं जाते, हम चैन से नहीं बैठेंगे। हमारा लक्ष्य है कि 31 मार्च 2026 तक भारत को नक्सलवाद से मुक्त कर दिया जाए।”
उन्होंने बताया कि नक्सली गतिविधियों ने देश के पिछड़े इलाकों के विकास को रोक दिया था, लेकिन अब सुरक्षा बलों के पराक्रम से करोड़ों लोगों के जीवन में नया उजाला आया है।
#WATCH | Delhi: Union Home Minister Amit Shah met and felicitated the soldiers of CRPF, Chhattisgarh Police, DRG and CoBRA Battalion who successfully carried out 'Operation Black Forest' on Karreguttalu Hill. Chhattisgarh Chief Minister Vishnu Deo Sai and Deputy Chief Minister… pic.twitter.com/HdfKz2mCQT
— ANI (@ANI) September 3, 2025
क्यों महत्वपूर्ण था यह ऑपरेशन?
- देश में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में सबसे बड़ी सफलता
- नक्सलियों के हथियार निर्माण और रणनीतिक ठिकाने का अंत
- सुरक्षाबलों के मनोबल में ऐतिहासिक वृद्धि
- नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास योजनाओं का मार्ग प्रशस्त
ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट न सिर्फ एक बड़ी सुरक्षा उपलब्धि है, बल्कि यह नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास का नया अध्याय भी खोलेगा। अमित शाह का 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प भारत के सुरक्षा इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।





