अमित शाह ने कहा कि इस सहकारी समिति का लाभ व्यापारियों को नहीं, बल्कि सीधे ड्राइवरों को मिलेगा।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार, 26 मार्च को घोषणा की कि सरकार जल्द ही ‘सहकार टैक्सी’ लॉन्च करने जा रही है। यह एक सहकारी संस्था द्वारा संचालित राइड-हेलिंग सेवा होगी, जो उबर और ओला जैसे प्लेटफॉर्म्स के मॉडल पर काम करेगी।
लोकसभा में बहस के दौरान शाह ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री के नारे “सहकार से समृद्धि” के अनुरूप है। उन्होंने कहा, “आने वाले महीनों में हम उबर और ओला की तर्ज पर एक बड़ी सहकारी टैक्सी सेवा शुरू करेंगे।”

शाह ने आगे बताया कि इस सहकारी समिति का मुनाफा व्यापारियों के बजाय सीधे ड्राइवरों को मिलेगा। उन्होंने कहा, “यही मॉडल हम लागू कर रहे हैं।”
यह राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म दोपहिया टैक्सी, ऑटोरिक्शा और चार पहिया वाहनों को कवर करेगा।
राइड-हेलिंग कंपनियों पर बढ़ता दबाव
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब ओला और उबर जैसी कंपनियों पर ड्राइवरों और यूजर्स दोनों की तरफ से आलोचना बढ़ रही है। हाल ही में, हैदराबाद में कैब ड्राइवरों ने ओला, उबर और रपिडो जैसे प्लेटफॉर्म्स द्वारा कम किराए दिए जाने के विरोध में ‘नो एसी’ अभियान चलाया था।
तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) ने मांग की थी कि कैब एग्रीगेटर सरकारी प्रीपेड टैक्सी की तरह एक समान किराया प्रणाली अपनाएं, जिसमें ईंधन लागत, वाहन रखरखाव और ड्राइवरों को उचित मेहनताना शामिल हो।
इससे पहले, उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने ओला और उबर को नोटिस जारी किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि यूजर्स के मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम (Android या iOS) के आधार पर अलग-अलग कीमतें वसूली जा रही हैं। हालांकि, दोनों कंपनियों ने इस आरोप से इनकार किया था।
पहले भी हुई थी ऐसी पहल
जून 2022 में, केंद्र सरकार के तहत काम करने वाली नेशनल टूरिज्म एंड ट्रांसपोर्ट कोऑपरेटिव फेडरेशन ने भी एक समान कैब-हेलिंग सेवा शुरू करने की घोषणा की थी।
इस नई योजना का उद्देश्य ड्राइवरों को सीधे लाभ पहुंचाना और उनकी आय बढ़ाना है, जिससे सहकारिता आंदोलन को मजबूती मिलेगी।





