संवाददाता- प्रताप सिंह बघेल
मुरैना: महिलाओ को आर्थिक रूप से संबल प्रदान करने मध्य प्रदेश सरकार ने लाडली बहना योजना शुरू की है। सरकारी नुमाइंदों की मनमर्जी के चलते कुछ महिलाये न सिर्फ इस योजना से बंचित रह गई है, बल्कि इसका लाभ लेने के लिए वे महीनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर भी काट रही है। ऐसा ही एक मामला आज कलेक्टर की जनसुनवाई में सामने आया है। यहां पर कैलारस जनपद के अंतर्गत आने वाली गोल्हारी पंचायत की कुछ महिलाये पंचायत सेक्रेटरी की शिकायत लेकर पहुंची। महिलाओं का आरोप है कि, शराब के लिए पैसे नहीं देने पर पंचायत सचिव ने लाडली बहना योजना से उनके नाम हटवा दिए है। पांच महीने से पैसे नहीं मिलने की बजह से उनकी आर्थिक हालत बहुत खराब हो गई है। जानकारी के अनुसार जिले की कैलारस जनपद के अंतर्गत आने वाली गोल्हारी गांव निवासी वर्षा कुशवाह, कस्तूरी कुशवाह तथा कैलाशी कुशवाह आज शिकायती आवेदन लेकर कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंची। महिलाओ ने बताया कि, जब से सरकार ने लाडली बहना योजना शुरू की थी, उनको निरंतर इस योजना का लाभ मिलता आ रहा था। विगत 5 महीने पहले पंचायत सेक्रेटरी अरविंद ने शराब के लिए उनसे 2-2 हजार रुपये की डिमांड की थी। पैसे नहीं देने पर उसने हमारे नाम लाडली बहना योजना से हटवा दिए। इसके बाद उनको पैसे मिलना बंद हो गए। उन्होंने पुनः अपने नाम जुड़वाने के लिए पंचायत सचिव से बात की तो वह पैसे मांग रहा है। लाडली बहना योजना की क़िस्त नहीं मिलने से हमारे आर्थिक हालात खराब हो गए है।





