Report by: Devendra Jaiswal, Edit by: Priyanshi Soni
Ahilyabai Holkar Statue Controversy: वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर तारकेश्वर महादेव मंदिर के समीप देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा और घाट के एक हिस्से को ध्वस्त किए जाने का मामला अब देशव्यापी विरोध का रूप ले चुका है। इस घटना को लेकर मध्य प्रदेश के इंदौर में कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया और इसे सांस्कृतिक विरासत पर हमला बताया।
Ahilyabai Holkar Statue Controversy: राजवाड़ा में मौन धरना, नेताओं की मौजूदगी
घटना के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार शाम इंदौर के राजवाड़ा स्थित देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा के सामने मौन धरना दिया। धरने में पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान देवी अहिल्याबाई की ऐतिहासिक भूमिका और धार्मिक योगदान को याद किया गया।
Ahilyabai Holkar Statue Controversy: “ऐतिहासिक अन्याय” – सज्जन सिंह वर्मा
धरना स्थल पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होलकर को धार्मिक पुनर्निर्माण और लोककल्याण की प्रतीक माना जाता है। उन्होंने अपने संसाधनों से देशभर में घाटों, मंदिरों और धर्मशालाओं का निर्माण कराया था।

उन्होंने कहा कि जब एक ओर देवी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती के अवसर पर शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में उनकी प्रतिमा और उनसे जुड़े ऐतिहासिक घाटों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
Ahilyabai Holkar Statue Controversy: प्रशासनिक कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले व्यापक विचार और संवेदनशीलता जरूरी होती है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
Ahilyabai Holkar Statue Controversy: सियासी विवाद बढ़ने के संकेत
देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा तोड़े जाने का मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। विपक्ष इसे संस्कृति और आस्था से जोड़कर देख रहा है, जबकि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और प्रदर्शन होने की संभावना जताई जा रही है।
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