BY: Yoganand Shrivastva
फिल्म निर्माता-निर्देशक करण जौहर ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करते हुए याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने अपने नाम, फोटो, आवाज और अन्य व्यक्तिगत प्रतीकों के अवैध उपयोग पर रोक लगाने की मांग की है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, करण जौहर ने अपने व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों (Personality and Publicity Rights) की सुरक्षा के लिए यह याचिका दायर की है। उन्होंने कोर्ट से गुजारिश की है कि कुछ वेबसाइट्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को उनके नाम और तस्वीर का उपयोग करके अवैध रूप से उत्पाद बेचने से रोका जाए।
कोर्ट की कार्यवाही और याचिका की अहम बातें
करण जौहर की याचिका न्यायमूर्ति मनमीत पीएस अरोड़ा की बेंच में सुनवाई के लिए आई, जहां अदालत ने उनके वकील से कुछ स्पष्टीकरण मांगे। याचिका में विशेष तौर पर वेबसाइट्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को निर्देश देने की मांग की गई है कि वे उनके नाम और तस्वीर वाले मग, टी-शर्ट और अन्य मर्चेंडाइज की बिक्री बंद करें।
पहले भी मिल चुकी है अन्य सितारों को राहत
करण जौहर से पहले ऐश्वर्या राय बच्चन और अभिषेक बच्चन ने भी इसी तरह की याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि उनकी अनुमति के बिना उनकी तस्वीर, आवाज और AI जनरेटेड इमेज का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
- जैकी श्रॉफ मामला (2024): कोर्ट ने उनकी तस्वीर और वीडियो का अवैध उपयोग रोकते हुए उनके व्यक्तित्व अधिकारों को सुरक्षित किया।
- अनिल कपूर मामला (2023): उनकी आवाज और ‘झकास’ कैचफ्रेज के दुरुपयोग पर रोक लगी।
- अमिताभ बच्चन मामला (2022): उनकी पब्लिसिटी और पर्सनैलिटी राइट्स की कानूनी सुरक्षा दी गई।
करण जौहर का यह कदम बताता है कि फिल्म इंडस्ट्री के बड़े सितारे अब अपनी पहचान और इमेज को डिजिटल और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर हो रहे दुरुपयोग से बचाने के लिए कानूनी रास्ता अपना रहे हैं।





