BY: Yoganand Shrivastva
घर में कोई पुरानी चीज़ रखकर भूल जाना आम बात है, लेकिन किसी एयरलाइन का पूरा का पूरा विमान भूल जाना अपने-आप में चौंकाने वाली घटना है। कुछ ऐसा ही हुआ एयर इंडिया के साथ। कंपनी का बोइंग 737-200 पिछले 13 साल से कोलकाता एयरपोर्ट के एक कोने में धूल खा रहा था और एयर इंडिया को इसका पता तक नहीं था। हैरानी तो तब और बढ़ गई जब तीन साल पहले हुए निजीकरण के दौरान ये विमान कंपनी के रिकॉर्ड से भी गायब हो गया था।
लेकिन हाल ही में एयरपोर्ट अधिकारियों की ओर से ध्यान दिलाए जाने पर एयर इंडिया को पता चला कि यह पुराना विमान अब भी उन्हीं का है। इसके बाद 14 नवंबर को इसे एक बड़े ट्रेलर पर रखकर बेंगलुरु भेजा गया, जहां अब इसे इंजीनियरिंग और मेंटेनेंस प्रशिक्षण में इस्तेमाल किया जाएगा।
क्यों खास है यह मामला?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार घटना इसलिए असामान्य है क्योंकि—
१. 43 साल पुराना यह बोइंग 737-200 लंबे समय तक कोलकाता एयरपोर्ट पर पड़ा रहा और एयर इंडिया को इसकी भनक तक नहीं थी।
२. एयर इंडिया ने अपने बाकी नौ पुराने विमानों का निपटान इंजन हटाकर कर दिया था, लेकिन यह बोइंग एकमात्र ऐसा विमान था जिसमें प्रैट एंड व्हिटनी इंजन लगा हुआ था।
एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन के मुताबिक, पुराने विमानों को हटाना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इस बोइंग के बारे में जानकारी उन्हें हाल में ही मिली। निजीकरण के दौरान यह विमान बहीखातों से भी हट गया था।
बोइंग 737-200 का सफर
१. यह विमान 1982 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लीट का हिस्सा बना।
२. मार्च 2007 में इसे कार्गो एयरक्राफ्ट के रूप में बदला गया।
३. 2007 में एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के विलय के बाद यह एयर इंडिया के बेड़े में शामिल हो गया।
४. कुछ समय तक भारतीय डाक विभाग ने इसे मालवाहक विमान के रूप में उपयोग किया।
५. 2012 में इसे सेवा से हटा दिया गया और यह कोलकाता एयरपोर्ट के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में खड़ा छोड़ दिया गया।
लंबे समय तक वहीं पड़ा रहने के बाद इसे आखिरकार हटाया गया। पिछले पांच वर्षों में एयरपोर्ट से यह 14वां पुराना विमान है जिसे हटाया गया है। अब उस जगह पर दो नए हैंगर बनाने की तैयारी है।





