कड़े पहरे में ग्वालियर: 36 जगह नाकाबंदी, 4 हजार जवान तैनात — अंबेडकर प्रतिमा विवाद पर आंदोलन स्थगित, पर तनाव बरकरार

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BY: Yoganand Shrivastava

ग्वालियर: डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा विवाद के चलते प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। संभावित अशांति को देखते हुए शहर और आसपास के इलाकों में 4 हजार से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और एक-दूसरे को चुनौती देने वाले संदेशों ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है।

विवाद की पृष्ठभूमि

17 मई 2025 को हाईकोर्ट परिसर में जूनियर वकीलों ने अंबेडकर प्रतिमा लगाने की मांग उठाई थी। इसी दौरान वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिवक्ताओं के बीच तीखी बहस और झड़प हुई। घटना के बाद भीम आर्मी से जुड़े रूपेश केन के साथ वकीलों द्वारा की गई मारपीट ने विवाद को और उग्र कर दिया। प्रतिमा फिलहाल शहर से 15 किमी दूर मूर्तिकार प्रभात राय की वर्कशॉप में रखी गई है, जिसकी चौबीसों घंटे पुलिस सुरक्षा में निगरानी हो रही है।

आंदोलन की चेतावनी और सतर्कता

हाईकोर्ट के वकील अनिल मिश्रा द्वारा सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में दलित संगठनों ने 15 अक्टूबर को बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। जवाब में कुछ सवर्ण संगठनों ने भी शक्ति प्रदर्शन की बात कही थी। हालाँकि, बाद में कई संगठनों ने आंदोलन वापस ले लिया, फिर भी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं दी है।

सुरक्षा के सख्त इंतज़ाम

ग्वालियर सहित भिंड, मुरैना, दतिया और शिवपुरी में 30 से अधिक चेकिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। सिर्फ ग्वालियर में ही 36 नाकाबंदी स्थल तय किए गए हैं — जिनमें से 17 शहर के अंदर और 19 देहात क्षेत्र में हैं।
पुलिसकर्मियों को दो शिफ्टों में तैनात किया गया है — पहली सुबह 6 से शाम 6 बजे तक और दूसरी शाम 6 से सुबह 6 बजे तक। हथियार लेकर चलने, जुलूस या रैली निकालने पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है।

सोशल मीडिया पर निगरानी

पिछले दो दिनों में पुलिस ने 500 से ज्यादा भड़काऊ पोस्ट हटवाई हैं। जिन अकाउंट्स से ये पोस्ट डाले गए, उनकी जांच चल रही है। फर्जी पाए जाने पर संबंधित यूजर्स पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।

व्यापारियों और स्कूलों में असमंजस

15 अक्टूबर को संभावित तनाव को देखते हुए व्यापारी और स्कूल संचालक दुविधा में हैं। कई व्यापारी सुबह हालात देखकर ही दुकान खोलने का निर्णय लेंगे। कुछ व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन सख्त है, इसलिए वे अपने प्रतिष्ठान खोलेंगे।

पुलिस की तैयारी

पुलिस ने पैदल मार्च, मोहल्ला बैठकें और फ्लैग मार्च आयोजित किए हैं। 2018 में दंगे के आरोपियों को भी बाउंड ओवर कर चेतावनी दी गई है। संवेदनशील इलाकों में सिविल ड्रेस में जवान तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।

एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा:

“शहर की शांति से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

संबंधित मामला

ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उन पर डॉ. अंबेडकर को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। गिरफ्तारी देने पहुंचे मिश्रा और समर्थकों ने एसपी ऑफिस पर नारेबाजी की।

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