BY- ISA AHMAD
लकड़ी से बना रहे अस्थायी पुलिया
कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखंड के अंतिम ग्राम पंचायत जातावाड़ा के आश्रित ग्राम झेपरा के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। गांव में सड़क और पुलिया नहीं होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से सड़क और पुलिया निर्माण की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। अधिकारियों की उदासीनता से निराश होकर अब ग्रामीणों ने खुद ही समस्या का समाधान निकालने का निर्णय लिया।
एकजुट होकर ग्रामीणों ने लकड़ी और अन्य स्थानीय संसाधनों की मदद से अस्थायी पुलिया का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है, ताकि आने-जाने में थोड़ी राहत मिल सके। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के समय यह रास्ता पूरी तरह से कट जाता है, जिससे गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट जाता है।
ग्रामीण रविंद्र काडियाम ने बताया कि, “गांव में कोई बीमार पड़ जाए तो 108 एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाती, जिससे इलाज में देरी होती है।” वहीं ग्रामीण राम भरोषा ने कहा कि “हमने कई बार गुहार लगाई, आवेदन दिए, पर कोई सुनवाई नहीं हुई, इसलिए अब हमें खुद ही पुलिया बनानी पड़ रही है।”
ग्रामीणों की यह पहल एक ओर जहां उनकी मजबूरी को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक लापरवाही पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है।





