Vice President Election Result 2025: सी पी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति निर्वाचित

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Vice President Election Result 2025: CP Radhakrishnan elected Vice President

परिणाम से आने वाले चुनावों में बनेंगे नए राजनीतिक समीकरण ?

R P Shrivastava, Vijay Nandan

दिल्ली: उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 का रिजल्ट आ गया है..एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं। सीपी राधाकृष्णन को 452 वोट मिले हैं, जबकि इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले हैं। उपराष्ठ्रपति चुनाव में कुल वोट थे 781 जिसमें से 767 सांसदों ने मतदान किया। 14 सांसद मतदान से अनुपस्थित रहे।

सीपी राधाकृष्णन ने 152 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। कांग्रेस ने इंडिया ब्लॉक के 315 सांसदों के वोट का दावा किया था, हालांकि INDIA गठबंधन के प्रत्याशी को 15 वोट कम मिले। BRS और BJD ने चुनाव में भाग नहीं लिया, जबकि राज्यसभा में बीआरएस के 4 और BJD के 7 सांसद हैं। लोकसभा में इकलौते सांसद वाले शिरोमणि अकाली दल ने भी पंजाब में बाढ़ के चलते वोट डालने से इनकार कर दिया।

उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 का परिणाम

  • सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति निर्वाचित
  • एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन की जीत
  • संसद में कुल सदस्य संख्या 781
  • कुल 767 सांसदों ने मतदान किया
  • एनडीए उम्मीदवार को 452 वोट मिले
  • इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी
  • इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार को 300 वोट मिले

उपराष्ट्रपति चुनाव 2022 में स्थिति

  • चुनाव में कुल 710 वोट पड़े थे
  • NDA उम्मीदवार थे- जगदीप धनखड़
  • एनडीए को 528 वोट मिले थे
  • जो कुल वोट का 74.37% था
  • इंडिया गठबंधन उम्मीदवार थीं- मार्गरेट अल्वा
  • इंडिया गठबंधन को 182 वोट मिले थे
  • जो कुल वोट का 25.63% था
  • मतदान में TMC अनुपस्थित रही थी

उपराष्ट्रपति का चुनाव, नए राजनीतिक समीकरण पर प्रभाव  ?

इस चुनाव को लेकर पिछले दिनों राजनीतिक दलों में जो कुछ गहमागहमी रही..वो सवाल खड़े करती है..कि देश में उपराष्ट्रपति का चुनाव केवल एक संवैधानिक पद भर नहीं है, बल्कि सत्ता समीकरणों और राजनीतिक ताक़त के संकेत देने का बड़ा मंच बन चुका है। इस बार एनडीए को संख्या बल के लिहाज़ से पहले ही बढ़त साफ़ दिख रही थी..नतीजे भी उसी के अनुरूप आए। लेकिन यह चुनाव महज़ जीत या हार से आगे जाकर दोनों गठबंधनों एनडीए और इंडिया ब्लॉक के लिए शक्ति प्रदर्शन का प्रतीक बन गया है। क्रॉस वोटिंग, घटक दलों का अनुशासन, और चुनाव के दौरान अनुपस्थित रहने वाले दल, इन सभी फैक्टर ने इस चुनाव को और रोचक बना दिया। क्रॉस वोटिंग न सिर्फ़ नतीजों को प्रभावित करती है, बल्कि गठबंधनों की एकजुटता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है। जिन दलों ने चुनाव से दूरी बनाई वे भी अपनी-अपनी टीम की ताक़त को अप्रत्यक्ष रूप से डेंट कर रहे थे और याद रखिए, यह चुनाव केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है; इसे आगामी बिहार विधानसभा चुनाव सहित कई राज्यों के चुनावी समीकरणों का ट्रेलर भी माना जा रहा है। यानी यह मुकाबला एक पद से ज़्यादा, देश की दो बड़ी राजनीतिक धाराओं के बीच इमेज और इंटेंसिटी का भी रहा है।

एक नजर नए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के अब तक के सफर पर

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में सी.पी. राधाकृष्णन के नाम की घोषणा की। वे इस समय महाराष्ट्र के 24वें राज्यपाल हैं और दक्षिण भारत में उन्हें “तमिलनाडु का मोदी” कहा जाता है।

सी.पी. राधाकृष्णन (पूरा नाम – चन्द्रपुरम पोनुस्वामी राधाकृष्णन) तमिलनाडु मूल के नेता हैं। 31 जुलाई 2024 से वे महाराष्ट्र के राज्यपाल पद पर कार्यरत हैं। उनका राजनीतिक सफर लगभग चार दशकों से अधिक का है।

जन्म व शिक्षा

उनका जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में हुआ। पिता सी.के. पोन्नुसामी और माता के. जानकी अम्मल ने उन्हें राष्ट्रीय सेवा और नेतृत्व के संस्कार दिए। उन्होंने वी.ओ. चिदंबरम कॉलेज (तूतीकोरिन) से व्यवसाय प्रशासन (बी.बी.ए.) में स्नातक की पढ़ाई पूरी की।

खेलों में रुचि

कॉलेज के दिनों में वे टेबल टेनिस के चैंपियन रहे और लंबी दौड़, वॉलीबॉल व क्रिकेट जैसे खेलों में भी सक्रिय थे।

राजनीतिक यात्रा

सिर्फ 16 वर्ष की उम्र में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़कर सामाजिक-राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। बाद में जनसंघ और फिर भाजपा में सक्रिय हुए।

चुनावी उपलब्धियां

राधाकृष्णन ने 1998 और 1999 में कोयम्बटूर (तमिलनाडु) से दो बार लोकसभा चुनाव जीते। हालांकि, उन्हें तीन बार पराजय का सामना भी करना पड़ा। 2003 से 2006 तक वे तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे।

संगठनात्मक व संवैधानिक अनुभव

भाजपा के संगठन में उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। महाराष्ट्र के अलावा वे झारखंड (फरवरी 2023–जुलाई 2024) के राज्यपाल रह चुके हैं। मार्च से जुलाई 2024 तक तेलंगाना के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार संभाला और अगस्त 2024 तक पुदुचेरी के उपराज्यपाल भी रहे।

विशिष्टताएं

राधाकृष्णन दक्षिण भारत के पहले ओबीसी नेता हैं, जिन्हें उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकित किया गया है। वे भारतीय नदियों के एकीकरण, आतंकवाद विरोध, समान नागरिक संहिता, नशा-मुक्ति और अस्पृश्यता उन्मूलन जैसे मुद्दों पर व्यापक जन-आंदोलन कर चुके हैं। उनकी 19,000 किलोमीटर लंबी ‘रथ यात्रा’ चर्चित रही।

अंतरराष्ट्रीय अनुभव

वे भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित कर चुके हैं। इसके अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, इटली, जापान, चीन, तुर्की, सिंगापुर और कई यूरोपीय व एशियाई देशों की यात्रा कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय रहे हैं।

लंबे संगठनात्मक अनुभव, संसदीय कार्य और संवैधानिक पदों पर सक्रिय भूमिका के कारण सी.पी. राधाकृष्णन को एक सशक्त व सर्वमान्य उपराष्ट्रपति उम्मीदवार माना जा रहा है।

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