अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शुक्रवार को होने वाली आमने-सामने की वार्ता से पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस संघर्ष विराम समझौते के तहत डोनेत्स्क क्षेत्र के उस बचे हुए हिस्से पर भी कब्जा चाहता है, जो अभी यूक्रेन के नियंत्रण में है।
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रूस क्या चाहता है?
जेलेंस्की के मुताबिक, पुतिन चाहते हैं कि यूक्रेन डोनेत्स्क के शेष 30% हिस्से — लगभग 9,000 वर्ग किलोमीटर — से पीछे हट जाए।
- यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है और यूक्रेन के औद्योगिक क्षेत्र का अहम हिस्सा है।
- पुतिन लंबे समय से इस पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहे हैं।
यूक्रेन का जवाब – पीछे हटने का सवाल ही नहीं
जेलेंस्की ने साफ कहा कि यूक्रेन अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों से पीछे नहीं हटेगा।
- उन्होंने इसे “असंवैधानिक” करार दिया।
- जेलेंस्की के अनुसार, पीछे हटने से रूस को भविष्य में फिर से हमला करने का मौका मिल सकता है।
- अमेरिकी अधिकारियों ने भी उन्हें पहले ही बता दिया है कि रूस की असली मंशा क्या है।
डोनबास क्षेत्र की अहमियत
डोनबास यूक्रेन के पूर्वी हिस्से का प्रमुख औद्योगिक इलाका है।
- यहां कोयला, स्टील और अन्य भारी उद्योग मौजूद हैं।
- रूस के लिए यह इलाका रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
ट्रंप का बयान – मुलाकात के पहले दो मिनट में तय होगा सब कुछ
पुतिन के साथ होने वाली बैठक से पहले ट्रंप ने भी बयान दिया है।
- उन्होंने कहा कि उन्हें मुलाकात के शुरुआती दो मिनट में ही अंदाजा हो जाएगा कि समझौता संभव है या नहीं।
- ट्रंप ने दोनों देशों के बीच सामान्य व्यापार की संभावना पर भी बात की।





